देशभर में कोराना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 30 तक पहुंच गई है, जिससे हड़कंप मचा हुआ है। चंडीगढ़ और मोहाली से भी लगातार संदिग्ध मरीज पीजीआई पहुंच रहे हैं लेकिन राहत की बात यह है कि अब तक एक भी संदिग्ध मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है। गुरुवार को भी तीन संदिग्ध मरीज सामने आए। इनमें से दो को पीजीआई जबकि एक को सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है। तीनों संदिग्ध मरीजों के जांच के नमूने दिल्ली एम्स भेज दिए गए हैं।
उधर, बुधवार को मिले तीनों संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई है, जो राहत भरी खबर है। इनमें से एक मोहाली का 30 वर्षीय युवक जबकि एक जीरकपुर की 38 वर्षीय महिला और एक सेक्टर-32 चंडीगढ़ की 36 वर्षीय महिला है। वहीं, मोहाली के सिविल अस्पताल में बुधवार को भर्ती कराए गए एक अन्य संदिग्ध मरीज की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। यह मरीज अमेरिका से लौटा है। मोहाली के सिविल सर्जन मंजीत सिंह का कहना है कि फिलहाल मरीज को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। रिपोर्ट शुक्रवार को मिलेगी।
पीजीआई में गुरुवार को भर्ती होने वाला एक संदिग्ध मरीज इटली में नौकरी करता है जबकि उसका परिवार डेराबस्सी में रहता है। इटली में संक्रमण फैलने के बाद परिजनों ने उन्हें वापस घर बुला लिया है। यहां आने पर उसमें सर्दी-जुकाम के लक्षण दिखने पर वह खुद जांच कराने पीजीआई पहुंचा। जबकि दूसरा कोरोना का संदिग्ध मरीज आर्मी में है। वह कुछ दिनों पहले ही इटली से लौटा है। उधर, जीएमसीएच में भर्ती तीसरा संदिग्ध मरीज सेक्टर 31 का निवासी है और कुछ दिनों पहले इंडोनेशिया घूमकर लौटा है। फिलहाल तीनों मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया है।
मास्क की कालाबाजारी रोकने को तीन टीमें गठित
कोरोना वायरस को लेकर मास्क की कालाबाजारी की सूचना पर डायरेक्टर हेल्थ ने वीरवार को तीन जांच टीमें गठित की गई हैं। यह टीमें चंडीगढ़ को तीन हिस्सों में बांटकर रैंडम जांच करेंगी। गड़बड़ी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। पहली टीम सेंट्रल डिवीजन, दूसरी साउथ और तीसरी इस्ट डिवीजन में बांटी गई है। प्रत्येक टीम में एक एसडीएम, एक डीएसपी, एक ड्रग इंस्पेक्ट और फूड एंड सिविल सप्लाई के एक इंस्पेक्टर को शामिल किया गया है।
हैंडबैग और मोबाइल से संक्रमण का खतरा ज्यादा
कोरोना वायरस को लेकर बचाव के अलग-अलग उपाय अपनाने वालों को सबसे पहले अपने मोबाइल और लेडीज हैंडबैग को संक्रमण मुक्त करने पर ध्यान देना चाहिए। क्योंकि ये दो ऐसी चीजें हैं, जिनके संपर्क में हम सबसे ज्यादा आते हैं। ये बातें पीजीआई कम्युनिटी मेडिसिन के प्रो. जेएस ठाकुर ने बताईं। उनका कहना है कि मास्क की बजाय इन दो चीजों को संक्रमण मुक्त करने पर ज्यादा ध्यान देना होगा।