सूख रही सुखना लेक को बचाने के लिए तीन सुझाव फाइनल किए गए हैं। इन सुझावों पर प्रशासन की टीम स्टडी करके इनमें से किसी एक पर काम शुरू करेगी। शुक्रवार को एडवाइजर परिमल राय की अध्यक्षता में अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय मीटिंग हुई।
इस मीटिंग में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की एमिकस क्यूरी की तरफ से मिले सभी सुझावों पर गौर कर सबसे अहम तीन को स्टडी के लिए चुना गया। एडवाइजर ने इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट को तीनों की जमीनी हकीकत देखने और जो सबसे बेहतर हो उसकी रिपोर्ट देने की निर्देश दिया है।
इस मीटिंग में होम सेक्रेटरी अनुराग अग्रवाल, फाइनेंस सेक्रेटरी सर्वजीत सिंह, डीसी अजीत बालाजी जोशी, चीफ इंजीनियर मुकेशन आनंद, पर्यावरण निदेशक संतोष कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
देखिए ये रहे तीनों सुझाव
चंडीगढ़ की शान सुखना लेक
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सुझाव नंबर-1
सारंगपुर के पास से गुजरने वाली पटियाला की राव का पानी सुखना में लाया जाए। इसके लिए पटियाला की राव से सुखना लेक तक पाइपलाइन बिछाने की योजना है। हालांकि पटियाला की राव में भी ज्यादा समय पानी कम ही रहता है। लेकिन बरसाती सीजन में पटियाला की राव में काफी पानी आ जाता है। जो सुखना के जलस्तर को काफी हद तक गिरने से बचा सकता है।
सुझाव नंबर-2
सुखना के कैचमेंट एरिया में ऊपर की तरफ बड़े-बड़े बोरवेल किए जाएं। जरूरत पड़ने पर इन बोरवेल के जरिए सुखना में पानी लाया जा सकता है। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि कैचमेंट एरिया में वॉटर लेवल काफी ऊपर है। जिससे वहां कंस्ट्रक्शन जैसे कई तरह केकाम नहीं हो सकते। इन बोरवेल से पानी निकलने के कारण यहां वॉटर लेवल तो कम होगा ही साथ ही सुखना को भी जरूरत पड़ने पर पानी मिलता रहेगा।
सुझाव नंबर-3
चंडीगढ़ में जो टर्सरी वाटर आता है। उसे ट्रीट करके सुखना तक पहुंचाए जाने की योजना है। सेक्टर-28 में मशीनों की मदद से टर्सरी वॉटर को पहले ही ट्रीट करके देखा जा चुका है। ट्रीटमेंट के रिजल्ट काफी अच्छे रहे हैं। इस पानी का बीओडी और सीओडी लेवल बिल्कुल सही आया है। ऑक्सीजन लेवल थोड़ा कम रहा है इसे भी पूरा करने पर काम चल रहा है। यह सब होने के बाद पानी में मिले केमिकल और पानी की दुर्गंध खत्म हो जाएगी।
मॉनसून के बावजूद कई फीट कम हो गया पानी
Sukhna Lake
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पिछले कई महीनों से सुखना का जलस्तर लगातार नीचे आ रहा है। हालत यह है कि रेगुलेटरी एंड की तरफ कई जगह सतह दिखने लगी है। मॉनसून में जल स्तर बढ़ने की उम्मीद थी लेकिन उससे भी कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ा और अब फिर जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है।
चंडीगढ़ की लाइफ लाइन सुखना को बचाने के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने स्वयं संज्ञान लेते हुए प्रशासन को फटकार लगाई थी। इतनी ही नहीं जजों ने खुद सुखना लेक पहुंचकर हालात का मौके पर जायजा लिया था।
इसके बाद लोगों से सुखना को सूखने से बचाने के लिए लोगों से सुझाव मांगे गए। यह सुझाव एमिकस क्यूरी के जरिए सीधे हाईकोर्ट में ही जमा हुए। अब इन्हीं सुझावों में से प्रशासन ने तीन महत्वपूर्ण सुझावों को चुना है।