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मौत का बेसमेंट: नौ घंटे मलबे में दबे रहे दो युवक, एक मौत से जीता...अफसोस दूसरा हार गया

Sun, 09 Feb 2020 12:03 AM IST
ajay kumar अमित शर्मा, अमर उजाला, मोहाली/ खरड़ (पंजाब)
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घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटा प्रशासनिक अमला। - फोटो : अमर उजाला
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मोहाली के खरड़-लांडरां रोड पर सेक्टर-115 में जेटीपीएल एनक्लेव के गेट के साथ बनी एक रियल एस्टेट कंपनी अंबिका ग्रुप के दफ्तर की तीन मंजिला इमारत शनिवार को अचानक गिरकर जमींदोज हो गई। मलबे में से तीन लोगों को तो सकुशल निकाल लिया गया लेकिन जेसीबी चालक हरमिंदर सिंह गांव बडवाली, मोरिंडा की मौत हो गई। 

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इसी जेसीबी से बेसमेंट की खुदाई की जा रही थी। एनडीआरएफ व प्रशासन समेत स्थानीय लोग बचाव कार्य में रात 10 बजे तक जुटे थे। आशंका है कि मलबे में कुछ और लोग भी दबे हो सकते हैं। उधर, डीसी गिरीश दियालन ने हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू भी रात 9:00 बजे हादसा स्थल पर पहुंचे। 

पंचकूला और लुधियाना से बुलाईं एनडीआरएफ की टीमें
एनडीआरएफ की टीमें पंचकूला और स्टैंड बाई लुधियाना से भी टीम बुलाई हैं। वहीं, सेना की पश्चिमी कमान से भी संपर्क किया गया है और जरूरत पड़ने पर उनकी सेवाएं भी ली जाएंगी। यह भी सामने आया है कि इस बिल्डिंग के मलबे में दबे कुछ लोग मोबाइल फोन के जरिए अपने परिवार वालों के साथ संपर्क में हैं। मोहाली डीसी गिरीश दियालन ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद खरड़ के एसडीएम हिमांशु जैन को जांच का जिम्मा सौंपा है। 
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ऐसे हुआ हादसा

राहत एवं बचाव कार्य में जुटे लोग।
जहां हादसा हुआ, वहां खाली जमीन में पहले बेसमेंट तैयार किया जाना था। फिर इमारत के बेसमेंट को मिलाकर होटल की बिल्डिंग का निर्माण किया जाना था। इसके पहले चरण में इमारत के पीछे खाली पड़ी जमीन की खुदाई करके बेसमेंट बनाया गया। इसका पहला लेंटर भी जनवरी में पड़ चुका था। इमारत के बायीं ओर खाली पड़ी जमीन पर बेसमेंट तैयार करने के लिए जेसीबी से खुदाई चल रही थी। 

कुछ दिन पहले शुरू की गई खुदाई के दौरान बनी हुई बिल्डिंग की दीवार से पांच फुट की दूरी छोड़कर इस बेसमेंट की खुदाई जेसीबी से कर दी गई थी। शुक्रवार से एक और जेसीबी से यहां दोबारा खुदाई शुरू की गई थी। उसने बिल्डिंग की दीवार के साथ लगती पांच फुट मिट्टी भी हटानी शुरू कर दी थी। शनिवार दोपहर को करीब 12 बजे जब जेसीबी द्वारा यह मिट्टी हटाई जा रही थी तो मिट्टी खिसकने के कारण इस इमारत का भार बेसमेंट की बनीं दीवार झेल नहीं सकीं और पलभर में पूरी इमारत साथ लगते गड्ढे में जमींदोज हो गई। मलबे के नीचे खुदाई कर रही जेसीबी भी दब गई।  

इमारत की छत पर लगे थे दो मोबाइल टावर और दो भारी जनरेटर

जो बिल्डिंग जमींदोज हुई है उसकी छत पर दो मोबाइल टावर और दो भारी जनरेटर भी लगे हुए थे। यह दोनों टावर साथ लगते जेटीपीएल के गेट पर गिर गए हैं और इससे गेट का एक बड़ा हिस्सा भी टृट गया है। इमारत गिरते ही हड़कंप मच गया। आसपास के दफ्तरों में बैठे लोगों को लगा कि भूकंप आ गया है और लोग घबराकर बाहर की ओर भागने लगे। 

वहीं, हादसे के समय जेसीबी चलाने वाले चालक के अलावा कंपनी के तीन कर्मचारी दफ्तर में थे। इनमें से चपरासी प्रेम बहादुर, अरमान और हरजीत सिंह को बाहर निकाल लिया गया। इनमें से प्रेम बहादुर को सिर में चोट लगने के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया है। एसडीएम खरड़ हिमांशु जैन ने बताया कि मलबा हटाने के लिए बचाव कार्य चल रहा है और रात में बचाव कार्य चलाने के लिए जनरेटर आदि लगा दिए गए हैं। रात 10 बजे तक बचाव कार्य जारी है। 
दो व्यक्तियों को बचाया गया है। मलबे के नीचे 6-7 लोगों के अभी भी फंसे होने की आशंका है। एनडीआरएफ की टीम और अन्य सहायक कर्मचारी सर्च और बचाव अभियान में लगे हुए हैं। - हिमांशु जैन, एसडीएम
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सीएम अमरिंदर सिंह ने किया ट्वीट
मोहाली में हुए हादसे को लेकर पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा- आज खरड़ में एक तीन मंजिला इमारत ढह गई। मलबे में दो लोगों के फंसे होने की सूचना से दुखी हूं। फायर बिग्रेड, मोहाली प्रशासन तत्काल बचाव और राहत के लिए मौके पर है। मोहाली के डीसी गिरीश दयालान से जानकारी ली है। पूरे घटनाक्रम के बारे में एक विस्तृत रिपोर्ट भेजने के लिए कहा है।

सेहत मंत्री बोले-बख्शे नहीं जाएंगे हादसे के जिम्मेदार लोग
देर रात खरड़ पहुंचे सेहत मंत्री बलबीर सिद्धू ने कहा कि हादसे के जिम्मेदार लोग बख्शे नहीं जाएंगे। मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में सेहत मंत्री ने कहा कि आज हम बहुत लालची हो गए हैं। जब हम बिल्डिंग बना लेते हैं तो उस पर टावर आदि लगवा लेते हैं। उन्होंने कहा कि इस हादसे से हमें सबक लेना चाहिए। साथ ही कोशिश करनी चाहिए कि भवन निर्माण के लिए जमीन व मिट्टी आदि की उचित जांच करवानी चाहिए। ताकि दोबारा ऐसे हालात न बनें। भगवान न करे कोई कैजुअलटी हो, अगर ऐसी स्थिति बनती है तो सुबह मीटिंग कर इस संबंधी फैसला लिया जाएगा। जब पत्रकारों ने कहा कि इतना बड़ा हादसा हो गया लेकिन बिल्डर मौके पर नहीं आया, तो उनका जवाब था कि इससे क्या फर्क पड़ता है। जांच तो चल ही रही है। 
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