चंडीगढ़। बिना परमिशन चल रही इमीग्रेशन कंपनियों की ओर से लोगों को विदेश भेजने के नाम पर 37 लाख रुपये की धोखाधड़ी के तीन नए मामले सामने आए हैं। अधिकतर मामलों में वर्क वीजा का झांसा दिया गया। पुलिस ने अलग-अलग थानों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहले मामले में यमुनानगर जिले के गांव मलिकपुर खद्दर निवासी सत्यम ने बताया कि विदेश जाने के लिए सेक्टर-31डी स्थित वीजा गाइड इमीग्रेशन फर्म से संपर्क किया था। उसने फर्म को 8 लाख रुपये दे दिए। मगर न वीजा आया और न उसके पैसे लौटाए गए। इस मामले में सेक्टर-31 थाने में धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
दूसरे मामले में महाराष्ट्र के नासिक निवासी सतीश ने बताया कि सेक्टर-47 स्थित जी-9 वीजा के मालिक वरिंदर ने विदेश भेजने के लिए 4 लाख 17 हजार 265 रुपये लिए थे। इस मामले में सेक्टर-31 थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि तीसरे मामले में सेक्टर-36 थाना पुलिस को दी गई शिकायत में मोहाली निवासी एक महिला ने बताया कि सेक्टर-35सी के एससीओ नंबर 457-458 में फर्म चलाने वाले सन्नी चहल, कुलवीर सिंह काडा, रीता काडा, निशांत व अन्य ने उसे विदेश भेजने का झांसा दिया और उससे 25 लाख 26 हजार रुपये ले लिए। कई महीनों तक जब वीजा नहीं आया तो उसने रुपये वापस मांगे। सेक्टर-36 थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।