पिता की अस्थियां लेकर गया सुंदर शर्मा दिव्यांग था। उनकी पत्नी भी दिव्यांग है। उन्हें चार लड़कियां और एक लड़का, जोकि पांच माह का है। सुंदर खेतीबाड़ी करता था और दो भाइयों में बड़ा था। सुंदर का चचेरा भाई संजय फिलहाल परिवार में इकलौता ही कमाने वाला था। उसके बड़े भाई की पहले ही मौत हो चुकी है और पूरा परिवार अब उसी भी आश्रित था। उसके बुजुर्ग माता-पिता के आंसू रोके नहीं रुक रहे हैं। संजय के एक लड़का और एक लड़की है। चालक सुरेश भी इसी गांव से है और उसके एक लड़का और एक लड़की है। लड़का बीटेक का छात्र है।
तीसरे दिन शनिवार तो एक दिन पहले उठाई अस्थियां
बुजुर्ग रामबिलास शर्मा की मौत गुरुवार को हुई थी। उसी दिन अंतिम संस्कार कर दिया गया। शुक्रवार को सुबह अस्थियां ली गईं। इसके अलावा अस्थियां ले जाने की अनुमति भी शुक्रवार को ही मिली। इस कारण एक दिन पहले ही अस्थियां लेकर रवाना हुए और यह हादसा हुआ।