लॉकडाउन में स्पेशल ट्रेनों से घर वापसी के लिए श्रमिकों की भारी भीड़ शुक्रवार को जालंधर में उमड़ पड़ी। आसपास के जिलों से भी श्रमिक बिना रजिस्ट्रेशन के पहुंचने लगे, जिससे स्थानीय पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। दोपहर 12 बजे यूपी के सुल्तानपुर, शाम पांच बजे बिहार के मुजफ्फरपुर के लिए ट्रेन रवाना हुई लेकिन सुबह से ही जिले में श्रमिकों की भीड़ चौराहों पर देखने को मिलने लगी थी। तीसरी ट्रेन रात 11 बजे यूपी के अकबरपुर के लिए रवाना हुई।
शुक्रवार को पहली ट्रेन सुल्तानपुर के लिए दोपहर 12 बजे रवाना हो गई। इसके बाद मुजफ्फरपुर के लिए ट्रेन अपने निर्धारित समय शाम 5 बजे छूटी। सुबह छह बजे ही बड़ी संख्या में श्रमिकों की भीड़ जीएनडीयू कैंपस लाडोवाली रोड पर जमा होने लगी। वहां पर सोशल डिस्टेंस बिल्कुल खत्म हो गया।
पुलिस को भीड़ को कंट्रोल करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। हालात यह था कि सुल्तानपुर की बजाय आजमगढ़, गोरखपुर व अन्य जिलों को जाने के लिए भी लोग बोरिया बिस्तर लेकर पहुंच गए। इसके बाद एसीपी सेंट्रल हरसिमरत सिंह छेतरा व पुलिस टीम ने सख्ती के साथ सिर्फ सुल्तानपुर जाने वालों को रोका। इसके अलावा दूसरे जिलों के लोगों को ग्राउंड से बाहर करवाया। वहीं सीपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर की तरफ से बनवाए गए करीब एक हजार फूड पैकेट यात्रियों को दिए गए।
मोहाली में फंसे प्रवासियों को उनके राज्यों में भेजने का सिलसिला लगातार जारी है। शुक्रवार को मोहाली रेलवे स्टेशन से हरदोई (यूपी) के लिए 1301 लोगों को लेकर एक स्पेशल ट्रेन सुबह ठीक 10 बजे रवाना हुई। इस ट्रेन में सवार होते समय लोगों ने सामाजिक दूरी के दिशा-निर्देश का पालन किया। इस ट्रेन में सवार सभी लोगों को पैक भोजन दिया गया।
जिला रेड क्रॉस सोसाइटी की तरफ से उन्हें बिस्कुट और पानी की बोतल भी दी गई। इससे पहले ट्रेन में जाने वाले लोगों की कलेक्शन सेंटर में बढ़िया तरीके से स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद उन्हें बसों में बैठाकर रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया गया। बसों को चलाने से पहले और लोगों को रेलवे स्टेशन पर छोड़ने के बाद बसों को सैनिटाइज किया गया। वहीं, दूसरी ओर प्रशासन ने उत्तराखंड के लिए तीन बसों में बैठाकर 91 लोगों को रवाना किया। यहां से अपने घर जा रहे लोगों ने प्रशासन का धन्यवाद किया।
उत्तर प्रदेश के लोगों को लेकर शुक्रवार शाम दूसरी स्पेशल रेलगाड़ी पटियाला रेलवे स्टेशन से रवाना हुई। यूपी के जौनपुर जिले करीब 1200 लोगों ने इस गाड़ी में सवार होने से पहले सरकार व प्रशासन का धन्यवाद किया। डीसी कुमार अमित ने बताया कि पंजाब सरकार ने केंद्र समेत संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों साथ तालमेल करके अपनी घर वापसी के इच्छुक लोगों को वापस भेजने का बीड़ा उठाया है, जिसके लिए सारा खर्च पंजाब सरकार उठा रही है।
डीसी ने बताया कि इससे पहले यूपी के ही आजमगढ़ जिले के लोगों को विशेष ट्रेन जरिये रवाना किया गया था। जबकि जम्मू-कश्मीर व राजस्थान के लोगों को भी विशेष बसों जरिये भेजा जा चुका है। आगे बताया कि आने वाले दिनों में यूपी समेत बिहार के अन्य जिलों के लोगों को भी पंजाब सरकार की ओर से अपने खर्चे पर विशेष ट्रेनों जरिये भेजा जाएगा।
शुक्रवार को यहां रेलवे स्टेशन पर जौनपुर जाने वाले लोगों में बच्चे, बूढ़े, जवान, महिला व पुरुष शामिल रहे। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा गया। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीमों की ओर से सभी की मेडिकल स्क्रीनिंग भी की गई। सभी को प्रशासन की तरफ से पानी की बोतलें व खाने-पीने की चीजें भी दी गईं।
फिरोजपुर से दस अप्रैल को श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलने की संभावना
करीब चार हजार मजदूरों ने घर लौटने के लिए जिला प्रशासन के पास रजिस्ट्रेशन करवाया है। फिरोजपुर से दस अप्रैल को श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई जा सकती है। उल्लेखनीय है कि रेल डिवीजन फिरोजपुर के मुताबिक कुल 16 ट्रेनें चलाई गई हैं। जालंधर से आठ, लुधियाना से सात और अमृतसर से एक ट्रेन चलाई जा चुकी है। इनसे अब तक 17 हजार 938 मजदूरों को अपने घर भेजा जा चुका है। जिला प्रशासन ने स्कूलों में सेंटर स्थापित किए हैं, जो मजदूरों के आवेदन स्वीकार कर रहे हैं। यहीं पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मजदूरों का चेकअप भी कर रही हैं। इनको एसएमएस भेज कर ट्रेन चलाने की जानकारी दी जाएगी।