जिला अदालत ने कई सालों से चल रहे कत्ल के मामले में शनिवार फैसला सुनाया। इसमें तीन लोगों को बरी किया गया। इसमें एक महिला भी शामिल है। अदालत द्वारा बरी किए गए लोगों में मेवा राम, शंभू राम एवं सीमा शामिल है।
जानकारी के मुताबिक नवंबर 2006 को गांव चढियाला में रेशम सिंह नाम के युवक की प्राइवेट बस में जहर खाने से मौत हो गई थी।
मरने वाले रेशम सिंह एवं उसके परिवार का गांव चढियाला के ही एक परिवार के साथ प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। जिस समय रेशम की मौत हुई थी। उस समय दूसरी पार्टी के लोग मेवाराम, शंभूराम एवं एक महिला सीमा भी उसी बस में थी।
रेशम सिंह के परिवार वालों ने आरोप लगाया कि इन तीनों ने जबरदस्ती रेशम सिंह जहर देकर उसकी हत्या की है। उसी बस में रेशम सिंह के ही परिवार वालों के साथ पड़ोसी बैठे थे। जिन्होंने कोर्ट में यही गवाही दी थी। तीनों ने रेशम सिंह को जबरदस्ती जहर देकर मारा है।
आरोपियों की तरफ से केस लड़ रहे एडवोकेट हरदीप ने बताया कि मामले में फंसे शंभूराम ने सिविल सूअट के जरिए यह केस मोहाली कोर्ट में फाइल किया था। कोर्ट में केस आईपीसी की धारा 302 एवं 34 के तहत चल रहा था। पहले तो कोर्ट में रेशम सिंह के परिवार वालों के पक्ष में बस में बैठे दो लोगों ने गवाही दी।
उसके बाद कोर्ट में बस के ड्राइवर भाग सिंह एवं कंडक्टर कृष्ण चंद ने गवाही दी। उन्होंने बताया कि तीनों ने रेशम सिंह के साथ कोई जोर जबरदस्ती कर जहर नहीं दिया था। उन्होंने साफ किया कि रेशम सिंह की बस में बैठे-बैठे ही मौत हो गई थी। कोर्ट में यह बात भी साफ हो गई थी कि रेशम सिंह पहले से ही जहरीले पदार्थ का सेवन कर बस में चढ़ा था।