सुच्चा सिंह की फाइल फोटो।
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लवप्रीत के चाचा कृपाल सिंह ने बताया कि लवप्रीत सिंह (27) पुत्र बलवीर सिंह एक सप्ताह पहले किसानों के साथ टीकरी बॉर्डर धरने में गया था। बुखार होने पर दो दिन पहले ही वह ममदोट स्थित गांव सवाईके लौटा था। मंगलवार को अचानक लवप्रीत की तबीयत खराब हो गई और उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि लवप्रीत को दिल का दौरा पड़ा है। कृपाल ने बताया कि लवप्रीत के पास लगभग दो एकड़ जमीन है। इसी जमीन से घर का पालन-पोषण चलता था। कुछ साल पहले ही लवप्रीत के पिता बलवीर का देहांत हो गया था। घर में कमाने वाला लवप्रीत ही था। लवप्रीत की दो बेटियां हैं।
पठानकोट में किसान ने जहर निगल कर दी जान
पठानकोट-अमृतसर हाईवे पर स्थित लदपालवां टोल प्लाजा पर मंगलवार शाम एक किसान ने जहर निगल लिया। गंभीर हालत में उसे निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान गुरदासपुर के गांव खोखर निवासी सुच्चा सिंह के तौर पर हुई है। सुच्चा सिंह बिजली बोर्ड से जेई के तौर पर सेवानिवृत्त हुआ था और गांव में खेती करता था।
धरने पर डटे अन्य किसानों ने बताया कि सुच्चा सिंह उक्त धरने पर कई बार आए थे और जरूरत का सामान धरने पर बैठे किसानों को देते थे। वह कृषि कानूनों को लेकर लंबे समय से परेशान चल रहे थे। मृतक के साथी किसान दलजीत सिंह ने बताया कि सुबह 11 बजे सुच्चा सिंह गुरदासपुर से लदपालवां धरने पर पहुंचे और साथ में सब्जियां ले आए। उन्होंने धरने के लिए 10 हजार रुपये सहयोग राशि दी और कहा कि अब यह कृषि कानून और किसानों का दर्द उन्हें बहुत दुख दे रहा है। इसके बाद वह देर शाम वहीं बैठे रहे। अचानक साढ़े छह बजे उनकी तबीयत बिगड़ी तो उन्हें चौहान मेडिसिटी ले गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत करार दे दिया।