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चंडीगढ़ में जुवेनाइल होम से भागे मर्डर केस की सजा काट रहे तीन कैदी, दो को सुरक्षाकर्मियों ने दबोचा

Thu, 19 Sep 2019 02:30 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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जुवैनाइल जस्टिस एक्ट
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हत्या के केस में सजा काट रहे तीन नाबालिग बुधवार अल सुबह अचानक सेक्टर-25 स्थित जुवेनाइल होम से भागने की कोशिश करने लगे। हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने चुस्ती दिखाते हुए मौके से दो नाबालिगों को दबोच लिया लेकिन एक भागने में कामयाब हो गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि एक सुरक्षाकर्मी ने नाबालिगों को भगाने में मदद की है, जिसके बाद पुलिस ने सुपरिंटेंडेंट की शिकायत पर मुल्लांपुर निवासी सिक्योरिटी गार्ड जीवन के खिलाफ आईपीसी की धारा 223 और 224 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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वारदात बुधवार अल सुबह करीब 4.30 बजे की है। सूचना मिली कि सेक्टर-25 स्थित जुवेनाइल होम से कैदी फरार हो गया है। सूचना पर महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर सेक्टर-24 पुलिस चौकी इंचार्ज शिवचरण सिंह अपने टीम के साथ पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस जांच में सामने आया कि मर्डर केस के तीन आरोपी पिछले कई वर्षों से जुवेनाइल होम के एक ही बैरक में बंद थे। बुधवार सुबह वहां ड्यूटी दे रहे सिक्योरिटी गार्ड जीवन ने बैरक और गेट का दरवाजा खोल दिया।

जिसके बाद तीनों आरोपी वहां से भागने की कोशिश करने लगे। मेन गेट पर खड़े करीब चार सिक्योरिटी गार्डों की नजर भागते हुए कैदियों पर पड़ी तो शोर मचाकर तीनों को दबोचने की भरपूर कोशिश की। इस दौरान उनमें हाथापाई भी हुई, लेकिन काफी जद्दोजहद के बाद सिक्योरिटी गार्डों ने दो कैदियों को मौके से दबोच लिया जबकि एक कैदी सिक्योरिटी गार्ड के चंगुल से छूटकर भागने में कामयाब हो गया।
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सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा

पुलिस ने वारदात के बाद जुवेनाइल होम में सभी कर्मचारियों से पूछताछ कर वहां लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया। इस दौरान सिक्योरिटी गार्ड जीवन फुटेज में कैद था। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि सुबह बैरक में शोरशराबा हो रहा था, उसे लगा कि अंदर कुछ गड़बड़ है। इसके बाद उसने बैरक का दरवाजा खोल दिया, लेकिन हैरानी की बात है सिक्योरिटी गार्ड जीवन ने बाहर का मेन गेट भी खोल दिया। इस पर पुलिस को उसका बयान संदिग्ध लगा, पुलिस ने सुपरिंटेंडेंट श्याम लाल की शिकायत पर गार्ड के खिलाफ केस दर्ज किया।

पुलिस कर रही है छापामारी
हैरानी की बात है कि इतनी कड़ी मुस्तैदी के बावजूद कैदियों ने भागने की हिम्मत जुटाई। ऐसे में पुलिस टीम वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ में जुटी हुई है। वारदात के बाद सेक्टर-11 थाना प्रभारी राजीव कुमार की अगुवाई में चौकी इंचार्ज शिवचरण अपनी टीम के साथ कैदी के बारे में जानकारियां जुटाने में जुटकर छापा मारी कर रही है। पुलिस का दावा है कि कैदी विजय को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

2016 से बंद आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि वर्ष 2016 में सेक्टर-36 पुलिस स्टेशन के अंतर्गत एक मर्डर केस में आसाम निवासी आरोपी एक आरोपी सजा काट रहा है जबकि कालोनी नंबर 4 निवासी और डड्डूमाजरा कालोनी दो आरोपी दोनों अलग-अलग मर्डर मामले में सजा काट रहे हैं।

पहले भी फरार हो चुके हैं कैदी
1- अक्तूबर 2015 में पांच कैदी फरार
2- दिसंबर 2015 में तीन कैदी फरार
3- अप्रैल 2019 में दो कैदी फरार
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