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सच है ये करो यकीन, 18 साल बाद जन्में तीन

Sun, 01 Jun 2014 12:22 AM IST
अमित कौशिक/अमर उजाला, करनाल
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शादी के अठारह साल तक खाली आंगन को निहारती पिंकी पल-पल भगवान से सूनी गोद भरने की दुआएं मांगती। बच्चे की आस में डॉक्टरों से जांच कराई, धार्मिक स्थानों पर जाकर मन्नत मांगी, लेकिन दुआ पूरी नहीं हुई।
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अठारह साल के बाद अब पिंकी और कुलदीप की मन्नत का सिला भगवान ने एक साथ तीन बच्चों के रूप में दे दिया है। पिंकी ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया है, जिनमें दो बेटियां और एक बेटा शामिल है। तीनों बच्चे और पिंकी स्वस्थ हैं। एक साथ तीन बच्चों के जन्म की खुशी इस दंपति व परिवार के लोगों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं।

दंपति ने छोड़ दी थी बच्चे की आस

शहर के अमृतधारा अस्पताल में घरौंडा के पार्षद कुलदीप राणा की पत्नी ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया है। परिवार में खुशी का माहौल है। आस पड़ोस के लोगों ने उनको बधाई दी। पिंकी राणा ने बताया कि उन्होंने बच्चे की उम्मीद बिल्कुल छोड़ दी थी, लेकिन भगवान ने एक मां की पुकार सुनकर उनकी झोली में एक साथ तीन बच्चे डाल दिए हैं।

उन्होंने बताया कि करीब एक साल से उनका इलाज अमृत धारा की डॉक्टर ज्योति गुप्ता के पास से चल रहा था। भगवान तथा डॉ. ज्योति गुप्ता  की वजह से आज उनके घर में खुशी आई है। एक लड़का (1.7 किलो ग्राम) व एक लड़की (2 किलो ग्राम) स्वास्थ्य की जांच के लिए उत्तम अस्पताल की नर्सरी में दाखिल हैं और एक लड़की (2.3 किलो ग्राम) मां के साथ है। दंपति ने डॉ. ज्योति गुप्ता और डॉ. राजीव गुप्ता का उनके परिवार में खुशियां लाने के लिए आभार प्रकट किया।
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देना वाला भगवान है, इंसान तो माध्यम

डॉ. ज्योति गुप्ता ने कहा कि देना वाला तो भगवान है, इंसान को तो माध्यम बनाया गया है। उन्होंने बताया कि टेस्ट ट्यूब बेबी तकनीक से ऐसा संभव हुआ है। पिंकी का उनके अस्पताल से ही इलाज किया जा रहा था।

साठ साल की उम्र तक टेस्ट ट्यूब बेबी तकनीक से बच्चा पैदा किया जा सकता है। डॉ. गुप्ता ने कहा कि यह डॉ. निधि सदाना, दिव्या रावत, नीतू भाटिया के प्रयास से संभव हो सका है।
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