चंडीगढ़। सेक्टर-48 मोटर मार्केट में भाजपा नेताओं पर हमले के दौरान घायल पुलिसकर्मी का मेडिकल पेश न करने पर तीन आरोपियों को जिला अदालत से 24 घंटे बाद ही जमानत मिल गई। किसान राजिंदर सिंह, हरप्रीत सिंह और मलविंदर सिंह को जमानत एक-एक लाख रुपये की गारंटी पर दी गई है।
सुनवाई के दौरान किसानों के बचाव के लिए बनाई गई संयुक्त किसान मोर्चा की रक्षा कमेटी के वकीलों ने कहा कि पुलिस ने तीनों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए हैं। इस दौरान जज ने कहा कि 250 लोगों में से आपने 25 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें से केवल तीन पर ही मुकदमा क्यों दर्ज किया गया। इस पर कमेटी के वकील भाग सिंह सुहाग, रविंदर सिंह बस्सी और विपिन कुमार ने कहा कि यह तीनों पिछले छह महीने से रोजाना चौक पर खड़े होकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस को इनकी पहचान थी। पुलिस मौके की तलाश में थी, इसलिए इन तीनों को झूठा फंसाया गया। पुलिस ने कहा कि उनके जांच अधिकारी भी प्रदर्शन के दौरान घायल हुए, इस पर जज ने मेडिकल मांगा तो पुलिस वह भी अदालत में पेश नहीं कर पाई। इसके बाद अदालत ने तीनों को जमानत दे दी।
बता दें कि पुलिस ने पिछले दो दिन में 25 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से 22 लोगों को शनिवार को ही छोड़ दिया गया था। वहीं, राजिंदर सिंह, हरप्रीत सिंह और मलविंदर सिंह को पुलिस ने अदालत में पेश कर दिया था, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। बता दें कि पुलिस ने पहले सभी के खिलाफ जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था, लेकिन बाद में सरकारी डयूटी में बाधा डालने और सरकारी मुलाजिम के साथ मारपीट करने की धाराएं भी जोड़ दी थीं, जिसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया था।