कुल पांच लोग थे शामिल, दो फरार, जिस कार में फरार हुए थे आरोपी वह टैक्सी भी बरामद
पुलिस ने कोर्ट में किया पेश, पूछताछ के लिए तीन दिन का मिला रिमांड
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। मोहाली के तहत पड़ते गांव बलौंगी में देर रात पार्किंग को लेकर हुए विवाद के बाद व्यक्ति पर फायरिंग करने वाले तीनों आरोपियों को बलौंगी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से वह टैक्सी नंबर ऑल्टो कार भी बरामद कर ली गई है, जिसमें वह फरार हुए थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान हरकिरत सिंह निवासी इस्सापुर डेराबस्सी, आकाश निवासी डेराबस्सी व गुरजंट सिंह निवासी संगरूर के रूप में हुई है। एसएचओ बलौंगी सुमित मोर ने बताया कि कुल पांच लोग इस वारदात में शामिल थे। दो फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। तीनों आरोपियों को मोहाली कोर्ट में पेश किया गया है। अदालत ने तीनों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। तीनों की आपराधिक गतिविधियों की भी जांच हो रही है। आरोपियों के खिलाफ बलौंगी के रहने वाले रजिंदर के बयान पर आईपीसी की धारा 307, 323, 506, 336, 148, 149 व आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपियों ने जो वारदात में पिस्टल इस्तेमाल किए थे, वह उन्हीं दो फरार बदमाशों के पास है। वहीं इस वारदात के मुख्य आरोपी बताए जा रहे हैं।
बता दें कि रजिंदर के बेटे सन्नी ने आरोप लगाया था कि उनका पानी के टैंकर किराए पर देने का काम है। वीरवार को सुबह करीब साढ़े दस बजे वह और उसके पिता के साथ बलौंगी में किसी के घर से पानी का टैंकर लेने ट्रैक्टर पर जा रहे थे। कुछ दूर बीच रास्ते में एक कार बीच सड़क में गलत तरीके से खड़ी थी। जब उन्होंने रास्ता मांगने के लिए हॉर्न बजाया तो सामने पीजी में रहने वाला एक लड़का गाड़ी हटाने नीचे आ गया। रजिंदर ने नीचे आए युवक से कहा कि रास्ते में गाड़ी थोड़ा ध्यान से खड़ी कर लिया करो। तभी पीजी के कमरे की बालकनी में खड़े दूसरे युवक ने रजिंदर को गाली निकाल दी। उसने ऊपर से अपने साथी को गाड़ी मौके से नहीं हटाने के लिए कहा। रजिंदर ने उससे कहा कि उसे जल्दी है उसने आगे जाना है तो पीजी से तीन युवक और नीचे आ गए। सभी के हाथ में पिस्टल थी, जिसमें एक युवक ने आते ही फायर किया और पिस्टल उसके सिर पर तान दी। गोली रजिंदर के कान के पास से निकली और सामने दीवार पर जाकर लगी। रजिंदर ने जब पिस्टल तानकर खड़े युवक का हाथ हटाया तो उसके पीछे खड़े लड़कों ने पिस्टल के बट से उसके सिर पर वार कर दिए। उसके सिर से खून बहने लगा तो उसका बेटा रजिंदर को छुड़ाकर साथ के घर में ले गया। मौके पर गोली की आवाज सुनकर लोग इकट्ठे हो गए। भीड़ देख सभी हमलावर मौके से फरार हो गए थे। इसके बाद बेटे सन्नी ने पिता को फेज-6 के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया था। घायल के सिर पर सात टांके लगे थे।