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26 को हड़ताल पर रहेंगे यूटी के हजारों कर्मी

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चंडीगढ़। प्रशासन और नगर निगम के विभिन्न विभागों में काम कर रहे हजारों कर्मचारी 26 नवंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होंगे। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के फैसले के तहत मंगलवार को फेडरेशन ऑफ यूटी इंप्लाइज एंड वर्कर्स चंडीगढ़ के प्रधान रघबीर चंद की अध्यक्षता में हुई। कार्यकारिणी की बैठक में हड़ताल करने का फैसला किया गया।
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फेडरेशन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी ने बताया कि इस हड़ताल का फैसला बिजली, पानी आदि सरकारी व अर्द्धसरकारी विभागों का निजीकरण खत्म करने, 2004 के बाद भर्ती कर्मचारियों पर एनपीएस खत्म कर पुरानी पेंशन बहाल करने, डेलीवेज, वर्कचार्ज, ठेके समेत हर प्रकार के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, 50 व 55 साल की उम्र तथा 30 व 33 साल की नौकरी पूरी कर चुके कर्मचारियों की प्रीम्च्योर सेवानिवृत्ति रोकने, किसान व मजदूर विरोधी कानून वापस लेने, डीए व एलटीसी बहाल करने, सभी विभागों में खाली पड़ी पड़े पदों को नियमित तौर पर भरने, स्मार्ट घड़ी लगाने का फैसला रद्द करने, डीसी रेट तुरंत देने व यूटी तथा एमसी के कर्मचारियों के पेंशन केसों का शीघ्र निपटारा करने आदि मांगों को लागू करने के लिए लिया गया है।
उन्होंने कहा कि बैठक में सभी कार्यालयों में गेट मीटिंग, रैलियां व प्रदर्शन करने और पर्चे बांटने और सम्मेलन कर पांच नवंबर को बड़ी रैली कर हड़ताल का नोटिस देने की घोषणा की गई। बैठक में बिजली, पानी, रोड़, हार्टिकल्चर, यूटी, एमसी के विभागीय यूनियनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में विशेष प्रस्ताव पास कर सुचारू रूप से तथा मुनाफे में चल रहे बिजली विभाग का निजीकरण रोकने की मांग की गई। साथ ही बिजली कर्मचारियों द्वारा 15 अक्तूबर 2020 को दिए जा रहे धरने में शामिल होने का फैसला किया गया।
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