उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी के दौरे के दौरान एसपी का आदेश न मानने के मामले में 16 महीने से निलंबित चल रहे इंस्पेक्टर अमनजोत और नीरज सरना को आईजी आरपी उपाध्याय ने बहाल कर दिया। बहाली के लिए इंस्पेक्टर ने अफसरों के सामने पेश होकर गुहार लगाई थी।
वहीं, मामले में दोनों इंस्पेक्टर की विभागीय जांच अभी एसएसपी ट्रैफिक मनीष चौधरी कर रहे हैं। दोनो इंस्पेक्टर को पुलिस विभाग ने एमएचए के आदेश पर निलंबित कर दिया था। एमएचए ने मामले की इनक्वायरी आईपीएस से करवाकर रिपोर्ट तलब की थी।
उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी 7 मई 2012 को पीजीआई में दौरे पर आए थे। पीजीआई में सुरक्षा का जिम्मा एसपी देशराज को दिया गया था। इस दौरान कुछ वकील पीजीआई में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे थे। इस पर एसपी देशराज ने वकीलों को संभालने के लिए काइम ब्रांच के तत्कालीन इंसपेक्टर अमनजोत और साइबर सेल के तत्कालीन इंस्पेक्टर नीरज सरना को आदेश दिए थे, लेकिन उन्होंने आदेश नहीं माने थे।
इसकी स्पेशल रिपोर्ट बनाकर एसपी ने तत्कालीन एसएसपी नौनिहाल सिंह को दी थी। रिपोर्ट मिलने क बाद एसएसपी ने इनक्वायरी मार्क की थी। 23 मई को इंस्पेक्टर अमनजोत सिंह ने अपना इस्तीफा दे दिया था। इसकेबाद अफसरों ने इंस्पेक्टर के सामने झुककर उसकी दो इनक्वायरी ड्राप की थी।
इसके बाद उन्होंने अपना इस्तीफा वापस लिया था। इस मामले में आईबी ने स्पेशल रिपोर्ट एमएचए को दी थी। एमएचए ने अक्तूबर 2012 में पुलिस विभाग से दोनों इंस्पेक्टर पर कार्रवाई के बारे में पूछा था। इसके बाद पुलिस विभाग ने इंस्पेक्टर अमनजोत सिंह और नीरज सरना को निलंबित कर विभागीय जांच एसएसपी मनीष चौधरी को सौंपी थी। मनीष चौधरी मामले में कई जवानों के बयान दर्ज कर चुके है। अभी विभागीय जांच चल रही है।