कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के चलते लगे कर्फ्यू को तोड़कर शहर में बेवजह घूम रहे लोगों को अब ड्रोन की मदद से पकड़ा जाएगा। ड्रोन से सड़कों पर घूम रहे लोगों और गाड़ियों की तस्वीरें लेकर पुलिस कंट्रोल रूम को भेजा जाएगा, जिसके बाद ऐसे लोगों पर तुरंत कार्यवाई की जाएगी।
सोमवार को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने एक बैठक के दौरान यह आदेश चंडीगढ़ पुलिस के डीजीपी को दिए हैं। इसके अलावा चंडीगढ़ प्रशासन के सभी कर्मचारियों ने अपनी एक दिन की सैलरी पीएम रिलीफ फंड में दान की है, यह राशि करीब 5 करोड़ रुपये है।
प्रशासन के सभी अधिकारियों के साथ हुई बैठक में प्रशासक को बताया गया कि शहर में 56 मेडिकल टीमें कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आने वालों की जांच कर रही हैं। इनमें से अगर किसी को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ती है तो उन्हें भर्ती भी किया जा रहा है। प्रशासक ने शहरवासियों से अपील की है कि वह अपने पड़ोस में विदेश से आने वाले व्यक्तियों की जानकारी तुरंत चंडीगढ़ प्रशासन को दें।
बैठक में डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि रविवार को 32000 खाने के पैकेट जरूरतमंदों को बांटे गए हैं। प्रशासक ने कोरोना महामारी में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए शहर की सभी एनजीओ, चैरिटेबल संस्थाओं आदि का धन्यवाद किया।
नगर निगम के कमिश्नर केके यादव ने बताया कि शहर में दूध, फल, सब्जियों आदि की होम डिलीवरी जारी है। इसके अलावा जोमैटो, मार्कफेड, बिग बाजार और पंजाब एग्रो भी जल्द ही लोगों से ऑनलाइन ऑर्डर लेकर सामान की डिलीवरी शुरू कर देंगे।
सभी शहरवासी सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच अपने पास के मार्केट और एटीएम में जाकर पैसे निकलवा व राशन का सामान आदि खरीद सकेंगे। हालांकि उन्हें पैदल ही जाना होगा, किसी भी मार्केट में गाड़ी से जाने पर पाबंदी होगी। अगर ऐसा किसी ने किया तो उसकी गाड़ी को जब्त कर लिया जाएगा।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार किसी भी प्रवासी मजदूर को शहर से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। इन सभी मजदूरों के रहने और खाने-पीने की व्यवस्था मलोया के कम्युनिटी सेंटर में की गई है। यहां पर वर्तमान में 52 प्रवासी मजदूर रह रहे हैं।