चंडीगढ़। हाईकोर्ट परिसर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अब आम लोगों को केवल गेट नंबर-3 से प्रवेश देने का निर्णय लिया है। गेट नंबर 1, 2, 4, 5 से आम लोगों के प्रवेश पर रोक रहेगी। गेट नंबर-3 से पास बनवाकर और पहचानपत्र के साथ ही प्रवेश दिया जाएगा।
हाईकोर्ट की इमारत पर अतिरिक्त बोझ को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सर्वे ऑफ इंडिया को आदेश दिया है कि सुखना के कैचमेंट एरिया का फिजिकल सर्वे कर रिपोर्ट सौंपी जाए। कोर्ट को यह बताया जाए कि क्या हाईकोर्ट का कोई हिस्सा कैचमेंट में आता है या नहीं। इस दौरान हाईकोर्ट की सुरक्षा का मुद्दा उठा तो बताया गया कि सभी गेट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। कोर्ट ने कहा कि परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी है कि याचिकाकर्ताओं के लिए केवल एक गेट से प्रवेश की अनुमति दी जाए। ऐसे में कोर्ट ने गेट नंबर 3 को आमजन के लिए तय कर दिया। यह व्यवस्था 29 अगस्त से लागू करने का हाईकोर्ट ने आदेश दिया है। वकीलों के हाईकोर्ट में प्रवेश को लेकर मामला सुरक्षा कमेटी के समक्ष विचाराधीन है। वहां से सुझाव आने के बाद उस पर निर्णय लिया जाएगा।
27 हजार वर्ग फीट जगह का प्रस्ताव
यूटी प्रशासन ने हाईकोर्ट को बताया कि सेक्टर-17 बस स्टैंड पर 27 हजार वर्ग फीट जगह अस्थायी रूप से उपलब्ध करवाई जा सकती है। इस पर हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल और बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि को उस स्थान का दौरा करने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट में यह रिपोर्ट सौंपनी होगी कि कैसे इस स्थान का प्रयोग हाईकोर्ट का बोझ कम करने के लिए किया जा सकता है।
एसएसपी ट्रैफिक को नई योजना साैंपने को कहा
सुनवाई के दौरान दिए गए सुझावों में से एक यह था कि परिसर में प्रवेश और निकास को एकतरफा बनाया जाए। हालांकि अदालत का मानना है कि चारपहिया और दोपहिया वाहनों की संख्या कुल मिलाकर 3 हजार से अधिक है। ट्रैफिक खासकर सुबह 9:30 से 11 बजे और दोपहर 3:30 से 4:30 बजे के बीच चरम पर होता है। ऐसे में एकल-प्रवेश सड़क का प्रस्ताव व्यवहार में नहीं लाया जा सकता। ऐसे में हाईकोर्ट ने अब एसएसपी ट्रैफिक को नई योजना सौंपने का आदेश दिया है।