चंडीगढ़। नगर निगम के सदन की बैठक में मंगलवार को पार्षद जसबीर सिंह लाडी ने एक एजेंडे के दस्तावेजों पर जमकर हंगामा किया। लाडी ने पूर्व आयुक्त आनिंदिता मित्रा पर कई आरोप लगाए। कहा कि उन्होंने जानबूझकर उन्हें बदनाम करने के लिए ऐसा किया। लाडी ने इस पर संबंधित सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और कार्रवाई की मांग की। इस मामले पर लाडी और अधिकारियों में काफी गहमागहमी भी हुई।
बैठक शुरू होने के कुछ देर बाद ही पार्षद जसबीर लाडी खड़े हुए और उन्होंने कहा कि शौचालय के नए नियम बनाने को लेकर जो एजेंडा आया है, उसमें उनके खिलाफ वर्ष 2022 में की गई एक शिकायत की कॉपी भी लगाई गई है। लाडी ने कहा कि जानबूझकर उनकी छवि खराब करने के लिए ऐसा किया गया है। चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा ने कहा कि इसमें पूर्व आयुक्त का कोई रोल नहीं है। एजेंडा नीचे से बनकर आता है। किसी की कोई मंशा नहीं थी।
नेता प्रतिपक्ष व भाजपा के पार्षद कंवरजीत राणा भी खड़े हुए और कहा कि किसी भी एजेंडे पर आखिरी हस्ताक्षर मेयर के होते हैं। ऐसे में मेयर से पूछा जाना चाहिए कि क्या उनकी सहमति से एजेंडा लाया गया है। हालांकि सभी पार्षदों ने कहा कि शिकायत की कॉपी को एजेंडा के रूप में नहीं लाना चाहिए। डीसी विनय प्रताप सिंह ने भी कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए था। इसकी पूरी जांच कराई जाएगी कि ऐसा कैसे हुआ। बता दें कि इस मामले में पार्षद लाडी ने पूर्व आयुक्त की केंद्रीय गृह मंत्री और पंजाब के राज्यपाल व मुख्यमंत्री से भी शिकायत की है।
पूर्व आयुक्त को धन्यवाद करने से शुरू करनी चाहिए थी बैठक : विनय प्रताप
पूर्व आयुक्त पर लगाए कई आरोपों के बाद डीसी विनय प्रताप सिंह ने कहा कि पिछले 3 साल में कई काम हुए हैं। इस बैठक की शुरुआत पूर्व आयुक्त को धन्यवाद करने से होनी चाहिए थी। हो सकता है कि पिछले तीन सालों में कुछ काम पूरे न हो पाए हों। अगले आयुक्त की जिम्मेदारी होगी कि वह कार्यों को पूरा करें। कई अन्य अधिकारियों ने भी कहा कि अधिकारी के जाने के बाद आरोप नहीं लगाने चाहिए। पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने कहा कि पूर्व आयुक्त के खिलाफ जो आरोप लगाए गए हैं, उन्हें सदन की कार्यवाही से हटा दिया जाना चाहिए।