पुलिस महानिदेशक ने वीसी के माध्यम से प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ की बैठक
डीजीपी ने नशा मुक्ति को लेकर प्रदेश में किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की
चंडीगढ़। हरियाणा में साइबर ठगों ने ठगी के नए तरीके इजाद कर लिए हैं। अब साइबर ठग खुद को सीबीआई और ईडी का प्रतिनिधि बताकर लोगों को झांसे में ले रहे हैं। साइबर अपराधियों की ओर से टीआरएआई अर्थात ट्राई का प्रतिनिधि बताते हुए फोन नंबर बंद करने का डर दिखाकर लोगों के साथ ठगी की जाती है। कई बार साइबर अपराधी रिश्तेदारों के नाम पर तो कभी टास्क बेस्ड फ्राॅड जैसे वर्क फ्राॅम होम का प्रलोभन देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं।
हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने बुधवार को प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ साइबर ठगी को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में साइबर अपराध को रोकने को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। कपूर ने प्रदेश में बनाए गए साइबर थानों की प्रगति की भी समीक्षा की।
कैब और ऑटो पर लेबलिंग काम पूरा
बैठक में कपूर ने महिला सुरक्षा को लेकर किए गए कार्यों की भी समीक्षा की। इस दौरान पुलिस अधीक्षकों ने महिला सुरक्षा को लेकर किए गए कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में बताया कि महिला सुरक्षा को लेकर पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे कैब और ऑटो आदि में लेबलिंग का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। बैठक में बताया कि मनचलों को सबक सिखाने के लिए उनके परिजनों के साथ मिलकर उनकी काउंसलिंग की जानी चाहिए।
नशा प्रभावित क्षेत्रों को करें चिन्हित
बैठक में नशा मुक्ति अभियान को लेकर किए गए कार्यों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि सभी थानेदार अपने-अपने थानों और चौकियों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले गांवों व अन्य क्षेत्रों को चिन्हित करके उसे नशा मुक्ति करें। कपूर ने कहा कि पुलिस अधीक्षक समय-समय पर नशा मुक्ति केंद्रों की चेकिंग करें और यह सुनिश्चित करें कि वहां पर कोई अवैध गतिविधियां न चल रही हों।