कोरोना की तीसरी संभावित लहर के पहले अब प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज देने पर फोकस किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग और नेशनल हेल्थ मिशन की ओर से इसके लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। दूसरी डोज के लिए अलग टीकाकरण कैंप लगाने का फैसला लिया गया है। प्रदेश के सभी सीएमओ को इसके लिए निर्देश भेजे गए हैं, ताकि इस पर जल्दी से काम शुरू किया जा सके।
टीकाकरण को लेकर की गई समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया। बता दें कि अब तक हरियाणा में करीब 81 लाख लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। इनमें से केवल 12 लाख लोगों ने ही दूसरी डोज ली है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद ही व्यक्ति के अंदर एंटीबाडी बनती है। इसलिए तीसरी लहर से पहले ज्यादा आबादी को सुरक्षा चक्र देने की कोशिश है। इसके तहत दूसरी डोज देने के लिए विशेष रूप से जिलों में कैंप लगाने की बात कही गई है।
कोवैक्सीन का स्टॉक कम, कोविशील्ड पर्याप्त
एनएचएम के अधिकारियों का कहना है कि इस समय प्रदेश में कोवैक्सीन का स्टॉक कम है। वह केंद्र से कम मात्रा में मिल रही है, इसलिए इसका प्रयोग खासकर दूसरी डोज के लिए किया जाए। क्योंकि सरकार के पास कोविशील्ड का पर्याप्त स्टाक है, इसलिए इसका प्रयोग पहली डोज के लिए किया जाए।
इस समय कोरोना वैक्सीन का पहला टीका लगवाने के लिए रोजाना 50 हजार से अधिक लोग आ रहे हैं, जबकि दूसरी डोज लेने वालों की संख्या औसतन 12 से 15 हजार रहती है। अब तक प्रदेश में कोविशील्ड की 6957672 डोज और कोवैक्सीन की 1206178 डोज दी जा चुकी है।
अन्य प्रोग्राम पर भी फोकस के निर्देश
एनएचएम के एमडी प्रभजोत सिंह ने बैठक में सीएमओ समेत एनएचएम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कोरोना वैक्सीनेशन के साथ-साथ मिशन के अन्य कार्यक्रम पर भी दोबारा से फोकस करें, ताकि उनकी गति दी जा सके। क्योंकि इस समय कोरोना के नाम मात्र के केस सामने आ रहे हैं। ऐसे में मातृत्व योजना के तहत गर्भवती महिलाओं का चेकअप फिर से शुरू करने के निर्देश दिए हैं।