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पानी के दामों पर फिर होगा घमासान, जनप्रतिधियों के लिए प्रशासक का सहारा

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चंडीगढ़। एक अप्रैल से पानी के दाम बढ़ने हैं, क्योंकि बढ़े हुए दामों पर प्रशासक ने 31 मार्च 2022 तक रोक लगा रखी है। ऐसे में तीनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियां सक्रिय हो गईं हैं, क्योंकि सभी ने निगम चुनाव में पानी के बढ़े दामों से लोगों को राहत दिलाने की बात कही थी।
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इस माले में मेयर सरबजीत कौर का कहना है कि वह सभी पार्षदों के साथ प्रशासक के पास जाएंगी और दाम न बढ़ाने की अपील करेंगी। वहीं आम आदमी पार्टी (आप) ने फरवरी की बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव लाने का एलान कर दिया है। साथ ही भाजपा और कांग्रेस से सहयोग मांगने की बात कही है। उधर, कांग्रेस ने भी प्रशासक से मिलकर दाम न बढ़ाने की अपील करने की बात कही है। हालांकि कांग्रेस इस मामले में भाजपा और आप को समर्थन देने को भी तैयार है। बता दें कि आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने सदन की बैठक में स्पष्ट कर दिया था कि कानूनी तरीके से ही पानी के दाम तय होंगे।
हाल ही में निगम चुनाव जीतकर आईं तीनों ही पार्टियों ने चुनावी वादों में पानी के दाम को अपना प्रमुख हथियार बनाया था। आप ने लोगों को दिल्ली की तर्ज पर 20 हजार लीटर पानी निशुल्क देने का वादा किया था तो भाजपा ने शहर में सातों दिन 24 घंटे पेयजल आपूर्ति का वादा किया था। कांग्रेस ने पानी के दामों को पुराने स्लैब को लागू रखने का वादा किया था। चुनाव में बेशक किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला, लेकिन एक अप्रैल से बढ़ रहे पानी के दाम को पुरानी दरों पर लागू रखना तीनों के लिए चुनौती से कम नहीं हे। इस समय तीनों ही पार्टियों के पास केवल प्रशासक ही एकमात्र सहारा हैं।
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बॉक्स-
अभी आ रहा है 120 करोड़ राजस्व, प्रस्ताव 156 करोड़ का
तत्कालीन प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने निगम के बढ़े पानी के दामों को 31 मार्च 2022 तक स्थगित कर पुरानी दरों को लागू रखने का आदेश दिया था। निगम को पेयजल आपूर्ति और सीवर सेस से वर्तमान दर के आधार पर 120 करोड़ रुपये का राजस्व आ रहा है, जबकि निगम ने आगामी सत्र के लिए प्रस्तावित बजट 156 करोड़ रुपये रखा है। यह तभी संभव है जब बढ़े हुए पानी के दाम लागू होंगे। तत्कालीन आयुक्त ने दामों को घटाने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि कजौली से पानी लाने में जो खर्चा हो रहा है, उसके लिए पानी के दाम बढ़ाना जरूरी है। वर्ष 2012 के बाद से शहर में पानी के दाम बढ़ाए नहीं गए हैं, जिससे निगम को हर साल करोड़ों रुपये का घाटा हो रहा है। वहीं वर्तमान आयुक्त ने भी इस संबंध में अपना निर्णय स्पष्ट कर दिया है।
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24 घंटे पानी की आपूर्ति के साथ बढ़ जाएंगे दाम
कुछ जनप्रतिनिधि इस पक्ष में भी हैं कि जिस क्षेत्र में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति की सुविधा शुरू की जाए, वहां बढ़े हुए दाम लागू कर दिए जाएं। इससे एक ओर जहां पूरे शहर पर भार नहीं पड़ेगा, वहीं दूसरी ओर सहूलियत मिलने से लोगों को बढ़े हुए दाम अखरेंगे नहीं। इसके अलावा 24 घंटे पानी मिलने के बाद लोगों का पानी का बिल भी काफी कम आएगा, लेकिन कांग्रेस पहले ही शहर को 24 घंटे पानी न देने के पक्ष में है, वहीं आप ने 20 हजार लीटर पानी लोगों को निशुल्क देने का वादा किया है, ऐसे में यह प्रस्ताव कैसे सफल होगा यह देखना होगा।
बातचीत-
मैं सभी पार्षदों को लेकर प्रशासक के पास मिलने जाऊंगी। इसमें विपक्ष का सहयोग मिला तो हम पानी के बढ़े हुए दामों पर रोक के आदेश को और आगे बढ़ाने में कामयाब होंगे ताकि लोगों पर बोझ न पड़े।
सरबजीत कौर, मेयर
फरवरी की बैठक में हम पानी के दामों को यथावत रखने के लिए प्रस्ताव लेकर आएंगे। इसमें हम भाजपा और कांग्रेस से समर्थन भी मांगेंगे। किसी भी कीमत पर दाम नहीं बढ़ने देंगे।
प्रेम गर्ग, प्रदेश अध्यक्ष, आप
पहले भी चुनाव को देखते हुए भाजपा के समर्थन में ही पेयजल आपूर्ति के दाम बढ़ाने का प्रस्ताव एक साल के लिए रोका गया था। हम प्रशासक से जाकर मिलेंगे और सदन की इस बैठक में मुद्दा उठाएंगे।
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-सुभाष चावला, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
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