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Chandigarh News: दो दिन में तीन बार सायरन बजने और ब्लैकआउट से डर का माहौल...घरों से कम ही निकले लोग

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चंडीगढ़। भारत-पाकिस्तान में बढ़ते तनाव के बीत आतंकी हमले की आशंका को देखते हुए पिछले दो दिनों में तीन बार सायरन बजने और ब्लैकआउट से शहरवासियों में डर का माहौल है। शनिवार को कई प्रमुख सेक्टरों में आम दिनों की तुलना में भीड़ कम दिखाई दी, क्योंकि लोगों ने बाहर निकलने के बजाय घरों में रहना पसंद किया। अमर उजाला के आठ संवाददाताओं ने शहर के विभिन्न हिस्सों की लाइव रिपोर्टिंग की।
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सेक्टर-17, सेक्टर-18 और सेक्टर-22 जैसे आमतौर पर गुलजार रहने वाले बाजारों में शनिवार को सन्नाटा पसरा रहा। दुकानदारों ने बताया कि ग्राहकों की संख्या काफी कम थी और ब्लैकआउट के बारे में कोई पूर्व सूचना न होने के कारण भी लोग भ्रमित थे। पीयू में अवकाश और परीक्षाएं रद्द होने के कारण परिसर में भी शांति रही। सेक्टर 40 के निवासियों ने सुबह आवश्यक सामान खरीदने के बाद घरों के अंदर ही रहना पसंद किया। वहीं, सेक्टर 37 में शाम होते ही सड़कें सुनसान हो गईं और रात 9 बजे तक पूरी तरह से सन्नाटा छा गया। हालांकि, ग्रामीण इलाकों और मनीमाजरा में स्थिति सामान्य रही। सुखना झील पर भी शनिवार की छुट्टी होने के बावजूद कम लोग पहुंचे। सीजफायर की सूचना के बाद कुछ लोग जरूर आए, लेकिन भीड़ आम दिनों की तुलना में काफी कम रही।

प्लाजा में सन्नाटा पसरा, कारोबार प्रभावित



सेक्टर-17 प्लाजा में पूरा दिन सन्नाटा पसरा रहा। शोरूमों और दुकानों में बहुत कम ग्राहक पहुंचे। दुकानदारों ने बताया कि ज्यादातर कारोबार शाम 6 बजे के बाद होता है। लोगों को यह पता ही नहीं था कि बाजार सात बजे बंद होगा या फिर 9 बजे। ब्लैक आउट को लेकर भी पूर्व में कोई सूचना नहीं थी। इस वजह से खरीदार और प्लाजा घूमने वालों की संख्या कम रही। हालांकि, दोनों देशों के बीच सीजफायर की सूचना के बाद थोड़ी हलचल बढ़ी थी। सेक्टर-17 मार्केट के अध्यक्ष संजीव चड्ढा ने बताया कि करीब 70 फीसदी कारोबार प्रभावित रहा।
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सेक्टर-21 में आम दिनों में तुलना कम रही भीड़


सेक्टर 21 में करियाने की दुकानों पर शुक्रवार को काफी भीड़ दिखी लेकिन शनिवार को कम लोग ही पहुंचे। कारोबारियों ने बताया कि मार्केट में करीब 100 से ज्यादा दुकानें है। इसमें खाने-पीने से लेकर बड़े-बड़े करियाना स्टोर और कुछ शोरूम हैं। कारोबारियों ने बताया कि लोगों को सलाह दी गई है कि परेशान होकर सामान खरीदने की जरूरत नहीं है। इसके बाद यहां आम दिनों की तुलना में करीब 50 फीसदी लोग कम पहुंचे।


पीयू में छात्रावास से बाहर नहीं निकले छात्र

पीयू में सोमवार तक अवकाश है। यहां परीक्षा भी रद्द कर दी गई हैं। ऐसे में क्लास बंद रहने से सन्नाटा ही पसरा रहा। स्टूडेंट सेंटर के पास भी काफी कम छात्र नजर आए, जबकि यहां अवकाश के दिन भी पर्याप्त संख्या में छात्र मौजूद रहते हैं। छात्रावास में रहने वाले छात्र अपने कमरों से बाहर नहीं निकले। छात्रों ने लाइब्रेरी में बैठकर परीक्षाओं की तैयारी की। यूनिवर्सिटी कैंपस में हलचल भी बहुत कम है। छात्रों ने बताया कि रात 8 बजे तक हॉस्टल में रह रहे विद्यार्थियों को खाना देकर ब्लैकआउट कर दिया जाता है।


सेक्टर 40 में लोगों में रहे लोग

सेक्टर 40 में सुबह दूध और अन्य खाद्य पदार्थ खरीदने के बाद लोग अपने-अपने घरों को चले गए। सुबह-शाम कॉलोनियों में टहलने वालों की संख्या भी कम रही। लोगों के मन में शाम के समय में एक बार फिर से लाइट बंद होने का भय सता रहा था। शाम सात बजे मार्केट बंद होने के बाद भी लोगों मौजूद रहे। वहीं, मोटर मार्केट में दोपहर में काफी भीड़ नजर आई।



शाम होते ही सेक्टर-37 मार्केट हुई सुनसान

सेक्टर-37 में शाम होते ही लोग अपने आप घरों में चले गए। मार्केट पूरी तरह से सुनसान पड़ी थी। हालांकि कुछ दुकानों के बाहर लगे बोर्ड की लाइट जल रही थी। रात करीब 9 बजे के बाद पूरी तरह से सन्नाटा पसर गया। सेक्टर 37 निवासी सोना भट्टी ने बताया कि रात को उन्हें किसी की कॉल आई कि उनके एरिया में सायरन बज रहा है। हालांकि, सेक्टर 37 में सायरन की आवाज किसी की नहीं सुनाई दी। लेकिन लोगों के फोन आने से सब लोग डरे सहमे हुए थे। आधी रात सायरन क्यों बजाया गया है। उसके कुछ देर बाद ही जेट हवाई विमान की तेज आवाज सुनकर लोग उठ गए और सहम गए।

मलोया में सब्जियां हुईं महंगी
भारत पाक के बीच बढ़ते तनाव के चलते बाजारों में स्थिति सामान्य रही। लोगों ने पहले जैसे ही खरीदारी की। शुक्रवार को काफी भीड़ रही। शनिवार को स्थिति सामान्य रही। हालांकि, तनाव का माहौल बता सब्जियां महंगी कर दी गई है। यहां हर सब्जी करीब 10 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो गई है। बाकी सुबह - शाम लोगों में पहले की तरह ही रौनक दिखाई दी। लोगों का कहना था कि प्रशासन की जो गाइड लाइन होगी उसका पालन करेंगे। बाकी सेना और सरकार पर भरोसा है ऐसे में डरने की क्या जरूरत है। बाहर नहीं निकलेंगे तो रोजी-रोटी का संकट आ जाएगा।


मनीमाजरा में दो महीने का राशन खरीदने पहुंचे लोग


मनीमाजरा में शनिवार को सबकुछ सामान्य दिनों की तरह देखने को मिला। बाजारों में पहले की तरह रौनक थी। लोग दिनभर बाजारों में घूमते रहे और अपनी जरूरत के सामान खरीदारी करते रहे। करियाने की दुकानों पर लंबी-लंबी लाइन देखने को मिली। मनीमाजरा के लंबरदार एवं गुरु नानक आटा चक्की के मालिक मनजीत सिंह बावा का कहना है कि लोग खौफ के चलते घरों में एक दो महीने का राशन खरीद कर जमा कर रहे हैं।


सुखना लेक पर दिन में कम लोग पहुंचे
सुखना लेक पर दिन में कम लोग पहुंचे। शनिवार का अवकाश होने के कारण हमेशा भीड़ ज्यादा रहती है। दोपहर बाद मौसम सुहाना हो गया लेकिन लोगों की संख्या कम रही। हालांकि, सीजफायर की सूचना के बाद कुछ लोग पहुंचे लेकिन आम दिनों की तुलना में फिर भी भीड़ कम रही। बोटिंग का भी कम लोगों ने आनंद लिया। सुखना लेक पर घूमने पहुंचे आयुष ने बताया कि आम दिनों में शाम को भीड़ होती है लेकिन शनिवार को कम लोग नजर आए।
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