चंडीगढ़। कान की मशीन की बैटरी खराब होने के कारण लगभग कानों से दिव्यांग हो चुके गरीब व्यक्ति की सहायता पीजीआई पुअर पेशेंट रिलीफ फंड से की गई है। शुक्रवार को मिली इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि गरीबों की पुअर पेशेंट रिलीफ फंड तक पहुंच के लिए व्यवस्था में बदलाव जरूरी है। प्रक्रिया को 4 सप्ताह में आसान बनाने का निर्देश देते हुए हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया।
हाईकोर्ट ने याचिका का दायरा बढ़ाते हुए अब गरीब आदमी की पुअर पेशेंट रिलीफ फंड की सीधे डाॅक्टर के माध्यम से पहुंच को लेकर पीजीआई को हलफनामा दाखिल करने का आदेश जारी किया है। याचिका दाखिल करते हुए चंडीगढ़ निवासी दिव्या शर्मा ने हाईकोर्ट को बताया कि रविंद्र कुमार नाम के मरीज का कानों का ऑपरेशन हुआ था। इस ऑपरेशन के बाद उसे साढ़े छह लाख रुपये की एक मशीन लगाई गई थी। यह मशीन बैटरी पर चलती थी और अब उसकी बैटरी खराब हो चुकी है। जब बैटरी की कीमत का पता किया गया तो यह 3 लाख रुपये से महंगी निकली।
याची ने बताया कि रविंद्र कुमार बेहद गरीब आदमी है और बैटरी खरीद नहीं सकता। बिना इस मशीन के वह कानों से दिव्यांग हो चुका है। जनहित याचिका में याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि बैटरी की खरीद पीजीआई पूअर पेंशेंट रिलीफ फंड से करने का निर्देश दिया जाए। हाईकोर्ट के आदेश पर पीजीआई में उसका इलाज हो गया। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने कहा कि गरीब लोगों की पहुंच पुअर पेशेंट रिलीफ फंड तक हो और इसकी प्रक्रिया सरल हो यह सुनिश्चित करना जरूरी है।