चंडीगढ़। सेक्टर-37 स्थित कोठी को हथियाने के मामले में गिरफ्तारी के समय थाने की सीसीटीवी फुटेज अभी तक अदालत को मुहैया नहीं करवाई गई है। हालांकि अदालत इसके बारे में निर्देश भी जारी कर चुकी है, बावजूद इसके सीसीटीवी फुटेज पेश करने में लगातार देरी हो रही है। मामले के गवाह पीके दास ने अदालत के समक्ष दावा किया था कि गिरफ्तारी की रात वह थाने में ही मौजूद था और उसी ने आरोपियों की पहचान की थी। इस बात की पुष्टि के लिए बचाव पक्ष के वकील राजेश शर्मा ने अदालत से आवेदन लगाकर फुटेज मंगवाने और उसकी जांच करने की मांग की।
वहीं दूसरी ओर कोठी मालिक राहुल मेहता की गवाही भी लगातार टल रही है। अभियोग पक्ष की ओर से आवेदन लगाकर मेहता की मानसिक स्थित ठीक न होने का हवाला देते हुए उसकी गवाही वल्नरेबल रूम में करवाए जाने की मांग की गई थी। इस पर आरोपी अरविंद सिंगला और खालिंदर सिंह के वकील ने आपत्ति जताई थी। बचाव पक्ष के वकील ने अदालत में अपना जवाब दायर करते हुए कहा कि मेहता की गवाही करवाने से पहले उसकी मानसिक स्थिति की जांच की जाए।
अभियोग पक्ष खुद संदेह में
आरोपी संजीव महाजन के वकील राजेश शर्मा ने एक आवेदन के माध्यम से सवाल उठाते हुए कहा है कि अभियोग पक्ष की ओर से लगाया गया आवेदन यह साफ करता है कि राहुल मेहता की मानसिक स्थिति पर उन्हें भी संदेह है। ऐसे में विशेषज्ञों का एक बोर्ड बनाकर राहुल की मानसिक स्थिति की जांच करवाना बेहद जरूरी है।