फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ढाई लाख आबादी के लिए सिर्फ 25 बसें, उनका भी कोई सही टाइम टेबल नहीं

Thu, 09 Mar 2017 11:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
विज्ञापन
सिर्फ 25 बसें और उनका भी कोई शेड्यूल नहीं - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पंचकूला के बस स्टैंड से चलने वाले बसों की टाइमिंग तो बदल दी गई। लेकिन बस स्टैंड पर पुरानी समय सारणी आज भी लगी हुई। जिससे बस स्टैंड से चलने वाली बसों की टाइमिंग मैच नहीं होती। सेक्टर-5 स्थित बस स्टैंड सिर्फ नाम का बस स्टैंड रह गया है। यहीं नहीं शहर के बस क्यू शेल्टरों पर भी समय सारणी गायब है। अमर उजाला ने बस स्टैंड और बस क्यू शेल्टरों का रिएलिटी चेक किया तो किसी भी बस क्यू शेल्टर पर समय सारिणी नहीं मिली।
विज्ञापन


दूसरे शहरों के यात्री परेशान
अगर कोई यात्री पंचकूला के सेक्टरों में कहीं उतर गया तो उसकी जेब ऑटो चालक खाली करने में कोई कसर नहीं छोड़ते। दूसरे शहरों से पंचकूला आने वाले लोगों को बसों की टाइमिंग का पता नहीं होता। वह बस क्यू शेल्टर पर समय सारिणी देखते हैं तो वहां समय सारणी नहीं मिलती। इसलिए मजबूरी में यात्रियों के पास विकल्प सिर्फ ऑटो का रहता है।      
दस साल पहले लगी थी समय सारणी
शहर में करीब 60 से अधिक बस क्यू शेल्टर हैं। हरियाणा रोडवेज के अधिकारियों की लापरवाही के कारण इन शेल्टरों पर समय सारणी नहीं है। लोगों की मानें तो दस साल पहले इन बस क्यू सेल्टरों पर समय सारणी लगाई गई थी। उसके बाद बसों की टाइमिंग बदली और समय के साथ बस क्यू शेल्टरों पर समय सारणी भी मिट गई थी। अब तो लकीरें भी नहीं बची हैं। 
विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

क्या कहना है यात्रियों का

सिर्फ 25 बसें और उनका भी कोई शेड्यूल नहीं - फोटो : अमर उजाला
आबादी करीब ढाई लाख, बसें 25
लोगों का कहना है कि शहर की आबादी के मुताबिक शहरी क्षेत्र में चलने वाली बसों की संख्या कम है। पंचकूला के शहरी क्षेत्र की आबादी करीब ढाई लाख है और यहां बसें सिर्फ 25 चलती हैं। पहले करीब तीस बसें चलती थी, लेकिन उसमें में भी पांच बंद कर दी गई हैं।       

क्या कहना है यात्रियों का       
हिमाचल से परीक्षा देकर लौट रहे दीपक कुमार और नंदन कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें बस ने माजरी चौक पर उतार दिया। उन्हें पंचकूला के इंडस्ट्रियल एरिया फेज दो तक आना था। बस के लिए वह बस क्यू शेल्टर गए। लेकिन शेल्टर पर उन्हें समय सारणी नहीं दिखी। एक दो राहगीरों से उन्होंने बसों की टाइमिंग पूछी, लेकिन किसी को इस बारे में पता नहीं था। आखिरकार उन्हें 100 रुपये में ऑटो बुक कर इंडस्ट्रियल एरिया फेज दो तक आना पड़ा।       

इस बारे में रोडवेज के जीएम का कहना है कि जल्द ही पंचकूला के बस स्टैंड और बस क्यू शेल्टरों में टाइम टेबल लगाए जाएंगे। ताकि यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। कोशिश रहेगी कि शहर में कुछ बसों की संख्या भी बढ़ाई जाए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें