निगम ने अपने बजट में 13 गांव के विकास कार्यों के 112 करोड़ 20 लाख 73 हजार रुपये मांगे थे। जब फंड नहीं आया तो निगम आयुक्त ने भी गृह सचिव से मिलकर राशि देने की मांग की थी। इसमें निगम की ओर से पास किए गए एजेंडे का भी जिक्र किया था, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट कह दिया था कि रिवाइज्ड एस्टीमेट बजट आने के बाद ही निगम को फंड मिलेगा।
गांवों में पाइपलाइन और सड़कों पर होना है काफी काम
निगम में 13 गांव शामिल होने के बाद वहां की स्थिति का पता लगाने के लिए मनोनीत पार्षदों की कमेटी बनाई गई थी, जिसमें मनोनीत पार्षदों को कमेटी का चेयरमैन बनाया गया। कमेटी में पूर्व सरपंच सहित कई लोग शामिल थे। इस दौरान देखा गया कि गांवों में सीवर, पेयजल आपूर्ति, वाटर स्टोर्म पाइप लाइन, सड़कों और बिजली की व्यवस्था काफी खराब है। इनका विकास होना है। गांव मौलीजागरां, दड़वा और रायपुरकलां में सेक्टर-26 से पाइप लाइन बिछानी है।
प्रशासन से फंड देने के लिए आमंत्रित किया गया था। आयुक्त के साथ मिलकर यह फंड ले आए हैं। अब गांव व शहर के विकास कार्यों को अमली जामा पहनाया जा सकेगा। -रविकांत शर्मा, मेयर