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चंडीगढ़ : फंड की राह देख रहे निगम की आस हुई पूरी, प्रशासन ने वादे के मुताबिक दिए 75 करोड़ रुपये   

Sat, 27 Mar 2021 02:46 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • केंद्र से फंड मिलते ही चंडीगढ़ प्रशासन ने नगर निगम को दिए 75 करोड़ रुपये 
  • प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने मेयर रविकांत शर्मा और निगम आयुक्त केके यादव को सौंपी राशि 
  • 50 करोड़ गांव के विकास और 25 करोड़ रुपये शहरी विकास में होंगे खर्च
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मेयर रविकांत शर्मा को 75 करोड़ रुपये का पत्र देते प्रशासक वीपी सिंह बदनौर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कई महीनों से अतिरिक्त फंड की बांट जोह रहे चंडीगढ़ नगर निगम का इंतजार शुक्रवार को खत्म हो गया। केंद्र से फंड मिलते ही प्रशासन ने अपने वादे के अनुसार नगर निगम को 75 करोड़ रुपये दे दिए हैं। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने मेयर रविकांत शर्मा और निगम आयुक्त केके यादव को यह राशि सौंप दी है। 

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मेयर के अनुसार 50 करोड़ की राशि गांव के विकास कार्यों और 25 करोड़ रुपये शहरी विकास में खर्च होगा। मेयर रविकांत शर्मा के पदभार ग्रहण करने के बाद प्रशासक के साथ बैठक हुई थी। इस दौरान मेयर ने निगम में वित्त की समस्या का मुद्दा भी सलाहकार के सामने उठाया था। प्रशासक ने निगम को वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 75 करोड़ रुपये अतिरिक्त देने का विश्वास दिलाया था। 


निगम ने भी वादे के अनुसार गांव और शहर के विकास कार्यों का खाका तैयार कर लिया था, लेकिन फंड न आने से लगातार सवाल उठ रहे थे। प्रशासन ने केंद्र से फंड जारी होते ही निगम को राशि दे दी है। निगम ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 425 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया था। इस राशि के मिलने के बाद निगम का वित्तीय वर्ष में 500 करोड़ का बजट हो गया है।

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निगम ने गांव के विकास के लिए बजट में मांगे थे 112 करोड़

निगम ने अपने बजट में 13 गांव के विकास कार्यों के 112 करोड़ 20 लाख 73 हजार रुपये मांगे थे। जब फंड नहीं आया तो निगम आयुक्त ने भी गृह सचिव से मिलकर राशि देने की मांग की थी। इसमें निगम की ओर से पास किए गए एजेंडे का भी जिक्र किया था, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट कह दिया था कि रिवाइज्ड एस्टीमेट बजट आने के बाद ही निगम को फंड मिलेगा।

गांवों में पाइपलाइन और सड़कों पर होना है काफी काम
निगम में 13 गांव शामिल होने के बाद वहां की स्थिति का पता लगाने के लिए मनोनीत पार्षदों की कमेटी बनाई गई थी, जिसमें मनोनीत पार्षदों को कमेटी का चेयरमैन बनाया गया। कमेटी में पूर्व सरपंच सहित कई लोग शामिल थे। इस दौरान देखा गया कि गांवों में सीवर, पेयजल आपूर्ति, वाटर स्टोर्म पाइप लाइन, सड़कों और बिजली की व्यवस्था काफी खराब है। इनका विकास होना है। गांव मौलीजागरां, दड़वा और रायपुरकलां में सेक्टर-26 से पाइप लाइन बिछानी है।
प्रशासन से फंड देने के लिए आमंत्रित किया गया था। आयुक्त के साथ मिलकर यह फंड ले आए हैं। अब गांव व शहर के विकास कार्यों को अमली जामा पहनाया जा सकेगा।  -रविकांत शर्मा, मेयर
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