चंडीगढ़ के सेक्टर- 43 स्थित जिला अदालत और ज्यूडिशियल अकादमी के बीच खाली पड़ी जगह पर मल्टीलेवल पार्किंग बनने का इंतजार करीब नौ साल बाद अब खत्म होने वाला है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 30 जुलाई को शहर आ रहे हैं। इस दौरान शाह इसका नींव पत्थर रखेंगे।
गृहमंत्री शाह मौलीजागरां, किशनगढ़ और सेक्टर-12 में बने तीन सरकारी स्कूलों का उद्घाटन करने के साथ समाज कल्याण विभाग के पोषण लड्डू अभियान की भी शुरुआत करेंगे। यह कार्यक्रम टैगोर थिएटर में होगा। इसके अलावा मल्टीलेवल पार्किंग का नींव पत्थर रखेंगे।
दरअसल, अगस्त 2013 में तत्कालीन प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा ने लोगों की समस्याओं को देखते हुए सेक्टर-43 स्थित आईएसबीटी में मल्टीलेवल पार्किंग बनाने की मंजूरी दी थी। इसके लिए 18.33 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत तैयार की गई थी लेकिन योजना पर कोई काम नहीं हुआ और इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
कुछ साल बाद फैसला हुआ कि जिला अदालत और ज्यूडिशियल अकादमी के बीच खाली पड़ी जगह पर मल्टी लेवल पार्किंग बनेगी। इसके लिए 62 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत तैयार की गई। यह योजना भी कई साल तक अधर में लटकी रही लेकिन कोई कार्य नहीं हुआ। वर्ष 2020 में पूर्व सलाहकार मनोज परिदा ने फिर योजना में बदलाव किया और फैसला हुआ कि वहां खाली 4.5 एकड़ प्लॉट के आधे हिस्से में चार मंजिला मल्टीलेवल पार्किंग बनेगी।
अमर उजाला ने उठाया मामला तब हरकत में आया प्रशासन
मनोज परिदा के निर्देश के बावजूद भी डेढ़ साल तक जब कुछ नहीं हुआ तो तीन मार्च 2022 को अमर उजाला ने ‘ये है स्मार्ट सिटी...नौ साल पहले मल्टीलेवल पार्किंग बनाने का हुआ था फैसला, आज तक मंजूरी नहीं मिली’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद गृह सचिव नितिन कुमार यादव और जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने प्रस्तावित जगह का दौरा भी किया।
इसके बाद प्रशासन ने योजना के लिए मंजूरी दी और 81 करोड़ रुपये जारी किए। पार्किंग बनाने का काम यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग को सौंपा गया है। पार्किंग अब दो साल में बनकर तैयार होगी और इसमें 2000 कारों को पार्क करने की सुविधा होगी। इस मल्टीलेवल पार्किंग का इस्तेमाल जिला अदालत के वकीलों के साथ आम आदमी भी कर सकेंगे।