बढ़ती ठंड ने सड़कों पर रहने वाले लोगों के लिए स्थिति को और गंभीर बना दिया है। ठंड से बचाव के लिए इन लोगों को रैन बसेरों की सख्त जरूरत है लेकिन नगर निगम की धीमी प्रक्रिया के चलते इन्हें राहत मिलने में और देर हो सकती है। हाल ही में निगम ने तीसरी टेंडर की बोली खोली थी, जिसमें दो एजेंसी आई थीं। किन्हीं कारण से उन्हें काम नहीं सौंपा गया है। अब निगम ने फिर 1.61 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। इसकी बोली 12 दिसंबर को खोली जाएगी।
शनिवार को रात का पारा 6.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। सर्दियों के मौसम में शहर के फुटपाथ, पीजीआई व अन्य अस्पताल, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों के पास कई बेघर लोग कंबल और कपड़ों के सहारे ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं। इन लोगों में मजदूर, बुजुर्ग और कई बेसहारा शामिल हैं। हर साल नगर निगम 1 दिसंबर से 28 फरवरी तक शहर के विभिन्न हिस्सों में रैन बसेरे बनाता था। इस बार नगर निगम ने देरी कर दी है।