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Chandigarh News: यूटी की खाकी से नहीं, ट्रैफिक पुलिस की सफेद कमीज से लगता है डर

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चंडीगढ़। शहर में पिछले तीन-चार साल में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। दूसरी ओर ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के चालान का आंकड़ा पहले से कई गुणा बढ़ गया है। शहर व बाहर से आने वाले लोगों के अलावा अपराधियों को भी यूटी की खाकी से नहीं ट्रैफिक पुलिस की सफेद कमीज से डर लगने लगा है। चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस का डर ऐसा है कि शहर में प्रवेश करते ही वाहन चालक खुद-ब-खुद बेल्ट लगा लेते हैं। दोपहिया वाहन चालक हेलमेट पहन लेते हैं।
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सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक यूटी की आबादी लगभग 17 से 18 लाख तक पहुंच चुकी हैं। अगर देखें तो चंडीगढ़ पुलिस पिछले तीन साल में 8-9 लाख चालान कर चुकी है। वर्ष 2021 में ट्रैफिक पुलिस ने दो लाख 32 हजार 319 चालान किए। इससे पुलिस विभाग के खाते में करीब 12 करोड़ 51 लाख 78 हजार 578 रुपये का राजस्व आया है। साल 2021 में ओवर स्पीड के करीब 64 हजार 132 चालान हुए, जबकि रेड लाइट जंप के 4097 चालान काटे गए।


वर्ष 2022 में बढ़ गया चालान का आंकड़ा


वर्ष 2022 में ट्रैफिक पुलिस ने करीब छह लाख दो हजार 454 वाहन चालान कर 11 करोड़ 13 लाख 7 हजार 708 रुपये राजस्व वसूला। नवंबर महीने तक 5 लाख 86 हजार 966 चालान कटे थे जबकि नवंबर-दिसंबर दो महीने में करीब 15488 वाहन चालकों के चालान काटे। इनमें सबसे अधिक चालान ओवर स्पीड के एक लाख 84 हजार 166 चालान हुए। वहीं, रेड लाइट जंप एक लाख 75 हजार 649 चालान किए गए। इसके अलावा बिना हेलमेट, गलत पार्किंग, गाड़ी चलाते मोबाइल का इस्तेमाल, साइकिल ट्रैक पर खतरनाक ड्राइविंग करना और जेबरा क्रॉसिंग के चालान हुए हैं।
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वर्ष 2023 ने तोड़ दिए चालान के सारे रिकॉर्ड

पुलिस के वर्ष 2023 के आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल में चालान के सारे रिकॉर्ड ही टूट गए। पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक पुलिस ने जनवरी से दिसंबर तक करीब 9 लाख 55 हजार 487 वाहन चालकों के चालान किए। यह आंकड़ा शहर की आधी आबादी के बराबर है। नवंबर तक पुलिस ने 11 महीने में 9 लाख 26 हजार 380 चालान किए, जबकि महज दिसंबर महीने में 29 हजार 107 वाहन चालकों के चालान काटे। इसके अलावा पुलिस ने इस पूरे साले में करीब 9398 वाहनों को जब्त किया और 1721 वाहन चालकों के लाइसेंस जब्त किए। पुलिस ने ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों से 10 करोड़ 40 लाख 14 हजार 753 रुपये का राजस्व एकत्र किया।



कैमरों ने थामा चालान का जिम्मा, ट्रैफिक पुलिस का बोझ हुआ कम

शहर में मार्च 2022 में सेक्टर-17 में इंटिग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया गया था। इस प्रोजेक्ट में शहरभर में लगे कैमरों को कंट्रोल करने का काम किया जाता है। शहरभर में करीब 40 ऐसे ट्रैफिक लाइट पॉइंट हैं, जहां हाई-रेजोल्यूशन वाले स्मार्ट कैमरे लगाए गए हैं। स्मार्ट कैमरों की मदद से ओवर स्पीड, लाल बत्ती और जेबरा क्रॉसिंग जंप करने के अलावा बिना हेलमेट सहित अन्य ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर चालान काटा गया है। यह कैमरे दिन में ही नहीं बल्कि रात के समय भी ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को नहीं बख्शते हैं। सबसे ज्यादा ऑनलाइन चालान हाउसिंग बोर्ड लाइट पॉइंट (पंचकूला से एंट्री), एयरपोर्ट लाइट पॉइंट (जीरकपुर से एंट्री), हल्लोमाजरा लाइट पॉइंट (मोहाली से एंट्री) और 66 केवी लाइट पॉइंट (न्यू चंडीगढ़ से एंट्री, पीजीआई से धनास रोड लाइट पॉइंट, सेक्टर-34/35 किसान भवन, मटका सेक्टर-17 बस स्टैंड से मटका चौक रोड पर सेक्टर-16 लाइट पॉइंट सहित अन्य कई चौक हैं, जहां सबसे अधिक चालान ऑनलाइन कटते हैं। ऑनलाइन चालान कटने से जगह-जगह खड़े होने वाली ट्रैफिक पुलिस पर चालान काटने का बोझ काफी कम हुआ है।
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