चंडीगढ़। पिछले कई वर्षों से पेंशन बढ़ने का इंतजार कर रहे शहर के करीब 25 हजार बुजुर्ग, दिव्यांग और विधवाओं का इंतजार लंबा हो गया है। मामला प्रशासन और केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों के बीच कागजी कार्यवाही के बीच फंस कर रह गया है। प्रशासन ने पेंशन योजना के दस्तावेज एमएचए को भेज दिए हैं। अब जवाब इंतजार है।शहर में वृद्धावस्था, दिव्यांग और विधवा पेंशन की राशि वर्ष 2016 के बाद से नहीं बढ़ी है, जिसकी वजह से काफी खलबली मची हुई है। प्रशासन ने वर्ष 2019 में पेंशन की राशि को 1000 रुपये से बढ़ाकर दो हजार करने का प्रस्ताव भेजा था जबकि पेंशन बढ़ाने की जिम्मेदारी चंडीगढ़ की थी क्योंकि 2016 में पेंशन की राशि को 500 से 1000 रुपये प्रशासन ने खुद किया था, लेकिन जब बजट में बढ़ी हुई राशि मांगी गई तो केंद्र ने पेंशन स्कीम की पूरी जानकारी मांग ली। ये भी पूछ लिया कि पेंशन बढ़ाने से पहले क्या मंजूरी ली गई थी।
अधिकारियों का कहना है मंत्रालय के इस सवाल की वजह से उन्होंने दोबारा पेंशन बढ़ाने से पहले मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा। कार्यकारी सलाहकार व गृह सचिव नितिन कुमार यादव ने बताया कि प्रशासन की तरफ से इस संबंध में दो-तीर बाद डीओ लेटर भेजा जा चुका है। केंद्रीय गृह मंत्रालय में चर्चा भी हो चुकी है। बीच में यह चर्चा भी चली कि केंद्र ने प्रशासन को कहा है कि सभी यूटी में लिए एक साथ ही फैसला लिया जाएगा लेकिन जिन यूटी में विधानसभा है वो अपने स्तर पर फैसला ले सकते हैं।
पूर्व सलाहकार धर्मपाल की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी, जिसमें फैसला लिया गया कि पेंशन स्कीम के सभी दस्तावेज दिल्ली भेजे जाएंगे और मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक होगी। प्रशासन ने दस्तावेज भेज दिए हैं लेकिन अभी तक बैठक तय नहीं हो पाई है, जिसकी वजह से मामला अटका हुआ है।
शहर में पेंशन की स्थिति
पेंशन वर्ग संख्या राशि (रुपये)
दिव्यांग 4650 1000 (0-69 फीसदी) और 2000 (70 फीसदी से ज्यादा)
विधवा 8592 1000 रुपये
वृद्धा 12,192 1000 रुपये