चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने इस बार बजट में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग की है लेकिन इसमें कटौती हो सकती है। इसकी मुख्य वजह कई विभागों द्वारा मौजूदा वित्तीय वर्ष में आवंटित बजट का 30 से 40 प्रतिशत तक खर्च न कर पाना है। कई विभाग तय समय पर बजट खर्च करने या परियोजनाओं को सिरे चढ़ाने में विफल रहे हैं। इसके चलते बजट बढ़ोतरी पर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रशासन ने स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन और शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई बड़ी विकास परियोजनाओं को लागू करने के लिए केंद्र से अतिरिक्त बजट आवंटन का आग्रह किया है। इस संबंध में प्रस्ताव केंद्रीय वित्त मंत्रालय को भेज दिया गया है। वर्तमान वित्त वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ को कुल 6,983.18 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था। आगामी वित्त वर्ष के लिए प्रशासन ने 1,396.63 करोड़ रुपये अतिरिक्त की मांग की है, जिससे कुल बजट मांग बढ़कर 8,379.81 करोड़ रुपये हो गई है। अधिकारियों के अनुसार यह बढ़ोतरी शहर में तेजी से हो रहे शहरीकरण और नागरिक सुविधाओं पर बढ़ते दबाव को देखते हुए जरूरी हो गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार 2025-26 में स्वीकृत बजट में से 6,185.18 करोड़ रुपये राजस्व के तहत और 798 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए आवंटित किए गए थे।
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों को सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रस्तावित बजट 2026-27 में स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशासन आयुष अस्पताल के निर्माण के साथ-साथ सेक्टर-53 में एक नए अस्पताल की स्थापना की योजना बना रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर की चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करना और आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। वहीं, शिक्षा क्षेत्र में कई सरकारी स्कूलों के नवीनीकरण और बुनियादी ढांचे में सुधार का प्रस्ताव है ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
प्रस्तावित बजट में परिवहन, आवास और शहरी विकास परियोजनाओं पर भी विशेष ध्यान
प्रस्तावित बजट में परिवहन, आवास और शहरी विकास परियोजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इन योजनाओं के माध्यम से ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने, कनेक्टिविटी सुधारने और आवासीय जरूरतों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वित्त वर्ष 2024-25 में चंडीगढ़ को 6,513.62 करोड़ रुपये का बजट मिला था जबकि 2025-26 में केंद्र सरकार ने बजट में 7.21 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी।
7 से 10 प्रतिशत तक की वृद्धि को ही मंजूरी देती है केंद्र सरकार
अधिकारियों का कहना है कि यूटी प्रशासन हर वर्ष 20 से 25 प्रतिशत तक बजट बढ़ोतरी की मांग करता है लेकिन केंद्र सरकार आमतौर पर 7 से 10 प्रतिशत तक की वृद्धि को ही मंजूरी देती है। सीमित बजट के कारण कई विकास परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू करना पड़ता है जिससे देरी होती है।