पंजाब सरकार का खजाना खाली होने से राज्य में वित्तीय इमरजेंसी के हालात बन गए हैं। वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल दो दिन पहले ही नई दिल्ली में केंद्र सरकार से जीएसटी के बकाया मुआवजे का तगादा करके लौटे।
अब उन्होंने विदेश दौरे पर गए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को सूचना दी है कि स्वदेश लौटते ही वे प्रदेश के वित्तीय हालत के लिए उपाय करें। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि सरकारी खजाने में 5000 करोड़ रुपये के बिल पेंडिंग हो गए हैं, जिन्हें क्लीयर करने के लिए पैसा नहीं है।
सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री को जो सूचना भेजी है, उसी के संबंध में एक पत्र भी मुख्यमंत्री कार्यालय को दिया है। इसमें उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि विदेश दौरे से लौटने के तुरंत बाद आपात बैठक बुलाई जाए और उसमें राज्य को वित्तीय संकट से उबारने के उपाय खोजे जाएं।
इस बीच, वित्त विभाग के प्रिंसिपल सचिव अनिरुद्ध तिवारी ने सभी विभाग प्रमुखों से कहा है कि उनके अधिकार क्षेत्र में टैक्स समेत सभी तरह की बकाया वसूली के लिए तुरंत कार्रवाई शुरू की जाए। इसके साथ ही विभागों से अपनी आमदनी बढ़ाने के उपायों पर विचार करने को भी कहा गया है।
सरकार की आमदनी में पांच फीसदी की कमी :
विभिन्न स्रोतों से राज्य सरकार की आमदनी में बीते साल की अपेक्षा पांच फीसदी की कमी आ गई है। जीएसटी से होने वाली आमदन में भी अपेक्षाकृत भारी कमी आई है। इससे इस टैक्स में राज्य का शेयर भी घट गया है। यही कारण है कि राज्य सरकार को जीएसटी की कमी के एवज में केंद्र से मिलने वाले मुआवजे के लिए आग्रह करना पड़ रहा है। उधर, मुख्यमंत्री 15 दिन के विदेश दौरे पर हैं और अगले माह ही पंजाब लौटेंगे। तब तक वित्त मंत्री को किसी चमत्कार की उम्मीद नहीं है। वह इस दौरान केंद्र से जीएसटी की मुआवजा राशि हासिल करने पर जोर दे रहे हैं।