जनता कर्फ्यू के बाद सोमवार सुबह से बाजारों में लोगों की चहल-कदमी देखी गई। यहां तक कि लोगों ने पुलिस व प्रशासन की भी नहीं मानी। कोरोना वायरस के फैलने की आशंका को देखते हुए सीएम जिले में तुरंत प्रभाव से कर्फ्यू लागू कर दिया गया। जिला मजिस्ट्रेट कम डीसी कुमार अमित ने साफ किया कि लोगों की ओर से की जा रही गैर जरूरी आवाजाही बंद करने के लिए यह आदेश लागू करने बेहद जरूरी हो गए थे।
डीसी ने साफ किया कि इस दौरान किसी भी व्यक्ति को बिना जरूरी काम के घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी जाएगी। यह आदेश अमन कानून व इमरजेंसी सेवाओं पर तैनात कार्यकारी मजिस्ट्रेटों, वर्दीधारी पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों और अर्द्ध सुरक्षा बलों समेत सेहत कोरोना वायरस से संबंधित ड्यूटी पर तैनात सरकारी मशीनरी, जिला मजिस्ट्रेट, एडिशनल जिला मजिस्ट्रेट, सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट, सहायक कमिश्नर जनरल, संयुक्त कमिश्नर नगर निगम, सीएमओ या अन्य अधिकारियों की ओर से लागू परमिट वालों पर लागू नहीं होंगे।
डीसी, एसएसपी की अगुवाई में पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च
डीसी कुमार अमित, एसएसपी मनदीप सिंह सिद्धू और नगर निगम की कमिश्नर पूनमदीप कौर की अगुवाई में पुलिस की ओर से सोमवार को बाजारों में फ्लैग मार्च निकाला गया। डीसी ने कहा कि जब लोग खुद की और अपने परिवार की जान को खतरे में डालने से रुकेंगे नहीं तो प्रशासन को सख्ती करनी ही पड़ेगी।
एसएसपी मनदीप सिंह सिद्धू ने कहा कि लोगों ने इसे पिकनिक या तमाशा समझ रखा है। हर कोई बिना किसी काम के वाहनों में बाहर घूम रहा है। अब कर्फ्यू लग गया है। कोई बाहर नहीं निकल पाएगा। पूरा देश इस समय संकट में है। लोग समझदारी से काम लेते हुए अपने घरों में बैठें।
पुलिस ने दुकानें बंद कराईं, लोगों को घर भेजा
पुलिस व सिविल प्रशासन की ओर से निकाले गए इस फ्लैग मार्च के दौरान आनंद नगर, दशमेश नगर, जम्मू मार्केट, त्रिपड़ी, सरहिंद रोड, गुरुद्वारा श्री दुखनिवारण साहिब चौक, शेरां वाला गेट, धर्मपुरा बाजार, अदालत बाजार, किला चौक में लोगों को दुकानें बंद करने समेत घरों में ही रहने की हिदायत दी गई।
लॉक डाउन की परवाह न कर लोग निकले घरों से बाहर
लुधियाना में जनता कर्फ्यू को रविवार को जहां पंजाबियों ने अपना पूरा सहयोग दिया वहीं देर रात कुछ लोग घरों से बाहर निकले। सोमवार सुबह से लॉक डाउन की घोषणा थी लेकिन प्रशासन ने लोगों को राहत देने के लिए सुबह पांच बजे से 11 बजे तक जरूरी सामान खरीदने के लिए राहत दी थी। कुछ लोगों ने इसका गलत फायदा उठाया और पूरे हुजूम के साथ बाहर निकल पड़े।
पुलिस के बार-बार समझाने पर भी लोग नहीं माने और पुलिस मुलाजिमों के साथ बहस शुरू कर दी। शहर के कई स्थानों पर पुलिस और लोगों के बीच तकरार होती दिखाई दी। जैसे दोपहर लगभग एक बजे सीएम ने राज्य में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू की घोषणा की। पुलिस भी सख्ती पर उतर आई। पुलिस के डंडे को देखते हुए लोग घरों में दुबक गए।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए पंजाब सरकार ने सोमवार से लॉकडाउन की घोषणा की थी। लॉक डाउन के दौरान आम लोगों को अपने घरों के अंदर रहने के निर्देश दिए गए थे। सुबह 5 से 11 बजे तक जरूरी सामान खरीदने के लिए राहत दी गई थी। इस समय के दौरान हालांकि मेडिकल स्टोर, राशन की दुकानें व अन्य खाने-पीने की दुकानें खुली थी।
वहीं सभी एरिया में फल और सब्जी की दुकानें खुली दिखीं। लोगों ने छूट के दौरान बाहर निकलना शुरू कर दिया। मेन रोड पर ज्यादा लोग नहीं थे लेकिन शहर के अंदरूनी एरिया में लोग धड़ल्ले से बाहर घूमते दिखे। जैसे ही पुलिस ने उनसे घरों के अंदर जाने की अपील की तो वह पुलिस से भिड़ गए। ऐसे में कई एरिया में स्थिति पुलिस के हाथ से बाहर हो गई। एरिया में पाबंदी के बावजूद ऑटो चालक भी सड़कों पर उतर आए। कई ऑटो का चालान किया गया।
पुलिस ने चालान भी काटा
- फोटो : अमर उजाला
लॉकडाउन की किस तरह से लोग धज्जियां उड़ा रहे थे इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि राहो रोड पर एक फैक्ट्री को बाहर से ताला जड़ा हुआ था। अंदर 30 से ज्यादा मुलाजिम काम कर रहे थे। किसी व्यक्ति ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
थाना जोधेवाल पुलिस ने तुरंत फैक्ट्री पर छापामारी की। पुलिस ने मेनगेट का ताला तोड़कर अंदर जाकर देखा तो 30 से ज्यादा मुलाजिम काम कर रहे थे। आखिरकार पुलिस ने तुरंत सभी मुलाजिमों को फैक्ट्री से बाहर निकाला। पुलिस अब फैक्ट्री मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर रही है।
बिना मास्क घूमने वालों को पुलिस ने थमाया मैं देश का दुश्मन का पोस्टर
लॉक डाउन के दौरान घरों से ज्यादातर लोग बिना मास्क पहने बाहर घूमते दिखाई दिए। शहर के ज्यादातर चौराहों पर पुलिस ने उन्हें रोककर इसका कारण पूछा लेकिन हर कोई बहानेबाजी करता दिखा। आखिरकार पुलिस ने ऐसे लोगों को एक पोस्टर देना शुरू कर दिया। इसमें साफ लिखा था कि मैं 'अपने देशवासियों, परिवार और दोस्तों का दुश्मन हूं, मैनू पंजाब दी कोई परवाह नहीं, मैं घर नहीं बैठ सकदां हां' फिर भी लोग इस पंपलेट को लेकर आगे की तरफ निकलते गए।
जालंधर दिल्ली हाईवे ठप, लाडोवाल टोल प्लाजा किया बंद
पंजाब में कर्फ्यू की घोषणा के कुछ देर बाद सोमवार को जालंधर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर लाडोवाल टोल प्लाजा को बंद कर दिया गया है। ऐसे में टोल प्लाजा के दोनों तरफ लंबा जाम लग गया। टोल प्लाजा पर लोगों ने जमकर हंगामा भी किया।
पंजाब व केंद्र सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद सोमवार को लोग सड़कों पर दिखाई दिए। सोमवार को दो बजे कर्फ्यू लगा दिया गया लेकिन लोगों ने अपनी दुकानें बंद नहीं की और ग्राहकों को निपटाते रहे। आखिरकार पुलिस को अपनी वर्दी का रौब दिखाना पड़ा। पुलिस को लोगों को घरों के भीतर पहुंचाने में तीन घंटे लग गए।
सोमवार को डीसी वरिंदर शर्मा, पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर और एसएसपी देहात नवजोत सिंह माहल सोमवार को मीडिया से मुखातिब हुए। डीसी ने कहा कि उन्होंने बहुत समझाया लेकिन लोग नहीं सुधरे। 25 इमरजेंसी सेवाएं भी जारी रखीं लेकिन लोग नहीं माने। अब उनके पास विकल्प नहीं कर्फ्यू लगाना पड़ेगा। दो बजे से अधिकारियों ने कर्फ्यू की घोषणा की लेकिन शहरवासियों के हालात यह थे कि दुकानें बंद नहीं कर रहे थे। लोगों को हिरासत में लेकर जब गाड़ियों में बैठाया जाने लगा तो दुकानें बंद होनी शुरू हुईं।
रविवार को जनता कर्फ्यू के दौरान केवल एक दिन लोगों ने सरकार के आदेश का पालन किया। घरों में रहे लेकिन दूसरे दिन हजारों की संख्या में लोग लॉकडाउन की परवाह किए बिना आम दिनों की तरह सड़कों पर निकल पड़े। प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग मांगा था और उन्हें सहयोग दिया भी लेकिन तमाम लोग सुधरने को तैयार नहीं हुए।
जालंधर के भार्गव कैंप, ज्योति चौक से लेकर पुरानी मंडी, मकसूदां मंडी में जबरदस्त भीड़ इकट्ठा हो गई। कई संजीदा लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों को फोन करने शुरू कि घर में बैठने का क्या फायदा लोग सड़कों पर घूम रहे हैं। शहर को खतरे में डाला जा रहा है। लॉक डाउन होने के बावजूद ऑटो चालकों ने प्रशासन की परवाह किए लोगों से दोगुने रेट वसूल कर ऑटो चलाए।
जालंधर जिले की सब्जी मंडी और होलसेल दवा मार्केट में लोगों की भीड़ देखने को मिली। लॉकडाउन के बाद भी ऐसी स्थिति को देखते हुए पंजाब सरकार को कर्फ्यू लगाना पड़ा। सोमवार को जब जालंधर की सब्जी मंडी का दौरा किया गया तो वहां भीड़ दिखाई दी। भीड़ में 70 प्रतिशत ऐसे लोग थे जिनके चेहरे पर मास्क नहीं थे।
सब्जी की भरी हुई गाड़ियों से सब्जी उतारकर दुकानों पर रख रहे मजदूरों के चेहरे पर भी मास्क नहीं थे। वहीं दूसरी ओर होलसेल दवा मार्केट में भी लोगों की खासी भीड़ देखने को मिली। दवा लेने आए इन ज्यादातर लोगों के चेहरों पर भी मास्क नहीं थे। दवा देने वाले कुछ कर्मचारियों ने भी मास्क नहीं लगा रखे थे।
कानून तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई: कमिश्नर
लॉक डाउन की घोषणा पर अमल न किए जाने पर प्रदेश सरकार की ओर से कर्फ्यू लगा दिया गया। इसके बाद लोग घरों में दुबककर बैठ गए। शहर के चप्पे-चप्पे में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस जवानों ने लाउडस्पीकर से घोषणा कर लोगों को कर्फ्यू लागू होने की जानकारी देते हुए तुरंत सड़कें खाली करने की चेतावनी दी। शहर के साथ जुड़ने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया गया। बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वारों पर पुलिस ने नाकेबंदी कर दी।
कर्फ्यू लगते ही सुनसान हुईं संगरूर की सड़कें
जनता कर्फ्यू के बाद सोमवार को एक बार फिर बाजार में लोगों की चहल पहल देखने को मिली। प्रशासन के बार-बार कहने के बावजूद लोगों का बाजार में ज्यादा आवागमन प्रशासन के लिए सिरदर्दी बन गया। दोपहर को जैसे ही कर्फ्यू लगा सड़कें फिर सूनी हो गईं। तो शहर की तमाम सड़कें सूनी हो गई।
सोमवार को सबसे ज्यादा भीड़ शहर में स्थित सुनामी गेट सब्जी मंडी में देखने को मिली। लोगों में कोरोना वायरस को लेकर कोई गंभीरता नहीं है। इसके अलावा बाजार में बिना काम के घूमने वाले लोगों की संख्या भी कम न थी। जैसे ही दोपहर को कर्फ्यू की घोषणा हुई पुलिस ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी। बिना काम बाजार में घूमने वाले लोगों के चालान काटे गए। उन्हें वार्निंग देते हुए कहा गया कि वह अपने घरों में ही रहें। थाना सिटी के सामने एसएचओ गुरभजन सिंह ने नाका लगाकर बाजार में घूमने वाले लोगों के चालान काटे। लाल बत्ती चौक में तैनात पुलिस मुलाजिम भी कर्फ्यू के बाद लोगों से सख्ती बरतते नजर आए।
घरों से बाहर निकले लोगों पर पुलिस ने दिखाई सख्ती
लोगों की आदत को बदलने के लिए डीसी फतेहगढ़ साहिब अमृत कौर गिल और एसएसपी अमनीत कौंडल को खुद सड़कों पर उतरना पड़ा। दोनों महिला अधिकारियों ने सुबह होते ही पूरे जिले के अहम इलाकों का दौरा किया और घरों से बाहर ना जाने पर सख्ती से निपटने को कहा।
सोमवार सुबह होते ही आम दिनचर्या की तरह लोग अपने कामकाज पर निकल पड़े। इसकी भनक लगते ही प्रशासन अपने असली रूप में उतर आया। खासतौर पर मंडी गोबिंदगढ़ के ज्यादा भीड़भाड़ वाले इलाके एरी मिल रोड पर एसडीएम आनंद सागर शर्मा ने सख्ती बरती और पुलिस ने लोगों को डंडा दिखाया।
दोपहर बाद पंजाब सरकार की ओर से सूबे भर में लगाए गए कर्फ्यू के बाद सड़कें सूनी हो गईं। लोग कर्फ्यू का पालन कर घरों को लौटते दिखाई दिए। सेल्समैन लोगों को कतार में आकर दवा लेने में जुटे हुए थे। वही नगर काउंसिल के कर्मचारी शहर में तीसरे दिन भी सैनिटाइजर का छिड़काव करने में लगे हुए थे।
डीसी अमृत कौर गिल ने कहा कि अगले आदेश तक कोई भी व्यक्ति जिले की हद में गली, सड़क और जनतक स्थानों पर नहीं निकलेगा।
लोग घरों में रहें, हम आपकी सुरक्षा वहीं करेंगे: विधायक
हमने अपनी और दूसरों की जान को बचाना है ना कि मुसीबत मोल लेनी है। घरों में रहे, सुरक्षित रहें। सरकार और प्रशासन को सहयोग करें। कोरोना किसी को बख्शता नहीं। विदेश से आने वाले लोग खुद अपनी जांच करवाएं। हमारी सरकार लोगों के लिए फिक्रमंद है। सब कुछ आपकी सेहत व सुरक्षा के लिए ही किया जा रहा है। किसी को कोई सहायता चाहिए तो मेरे निजी सचिव राम कृष्ण भल्ला के फोन पर संपर्क किया जा सकता है।
पुलिस ने बंद करवाई फल-सब्जी विक्रेताओं की दुकानें
बठिंडा जिले में सोमवार को पूरी तरह लॉकडाउन रहा। पुलिस प्रशासन की ओर से फ्लैग मार्च निकालकर लोगों से घरों में रहने की अपील की गई। वहीं सुबह सब्जी मंडी में फल एवं सब्जी बेचने आए विक्रेताओं पर कोतवाली पुलिस ने बल प्रयोग कर उनकी दुकानें बंद करवा दी। इसका उन्होंने विरोध किया।
फल विक्रेता राज कुमार का कहना था कि डीसी ने अपने आदेश में साफ तौर पर कहा है कि फल एवं सब्जी व करियाना की दुकानें खुली रहेंगी। फल एवं सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि उन्होंने सोमवार को बेचने के लिए जो सब्जी खरीदी थी अगर वो अगले एक दो दिन में न बिकी तो उनका नुकसान हो जाएगा।
थाना कोतवाली के इंस्पेक्टर दविंदर सिंह का कहना था कि पुलिस ने ज्यादा भीड़ होने के कारण लोगों एवं सब्जी विक्रेताओं को अलग-अलग किया था। किसी भी दुकानदार के साथ कोई जबरदस्ती नहीं की गई। वहीं सोमवार सुबह करीब 11 बजे एसएसपी नानक सिंह और डिप्टी कमिश्नर बी श्रीनिवासन ने फ्लैग मार्च निकालकर लोगों से घर में रहने की अपील की।