जीरकपुर। ढकोली स्थित श्री शिव मंदिर (रेलवे फाटक) में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास पंडित राम कुमार मिश्रा ने सृष्टि रचना, भगवान की भक्ति और मानव जीवन के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पूरे पंडाल में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
कथाव्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य ज्ञान है। उन्होंने बताया कि मनुष्य को लोभ, मोह और अहंकार का त्याग कर भगवान के प्रति समर्पित भाव रखना चाहिए। सच्ची भक्ति से ही जीवन सफल होता है और व्यक्ति को मानसिक शांति व आत्मिक सुख की प्राप्ति होती है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से सत्संग, सेवा और सदाचार को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। कथा के दौरान भगवान के भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे। पंडाल में राधे-श्याम और हरि बोल के जयघोष गूंजते रहे। इस अवसर पर कथा आयोजन समिति के बीके सिंह, अशोक जिंदल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। आयोजकों ने बताया कि आगामी दिनों में श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। प्रतिदिन भजन-कीर्तन और आरती का आयोजन भी होगा।