पुलिस का मानना है कि हो सकता है कि इस वारदात को पीयूष पिपलानी और अंकुश राणा ने अंजाम दिया हो। दोनों ही पंचकूला के सोनू नोल्टा मर्डर केस में वांटेड हैं और नोल्टा की हत्या के बाद राजस्थान भाग गए थे। तब उनकी अंतिम लोकेशन चूरू में ट्रेस हुई थी। राजस्थान में भी रंगदारी और फायरिंग की घटनाओं में इनकी भूमिका की जांच चल रही है।
पंचकूला के एमडीसी क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों में जो दो युवक कैद हुए थे उनकी कदकाठी भी पीयूष और अंकुश से मिलती है। साथ ही ये दोनों पंचकूला से फरार होने के रास्तों से भी अच्छी तरह वाकिफ हैं। इसी वजह से चंडीगढ़ पुलिस को आशंका है कि पैरी की हत्या में भी इनकी भूमिका रही होगी।
जांच में पता चला है कि चूरू से चोरी की गई क्रेटा पर लुधियाना के रमेश नगर का जो नंबर लगाया गया था वह क्रेटा के लिए जारी ही नहीं हुआ था। इसके अलावा कार के अंदर से पीबी-02 (अमृतसर) और पीबी-10 (लुधियाना) की दो फर्जी नंबर प्लेटें बरामद हुई हैं। इनमें से एक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) भी है। इससे साफ है कि कार को वारदात से पहले कई स्तर पर तैयार किया गया था। पुलिस अब इन नंबर प्लेटों की वास्तविकता और स्रोत का पता लगा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि ये प्लेटें किन वाहनों के लिए जारी हुई थीं और आरोपियों तक कैसे पहुंचीं।
बलौंगी पुल से नहीं मिली कार की स्पष्ट फुटेज
सूत्रों के अनुसार आरोपियों की क्रेटा कार बलौंगी पुल से तेज रफ्तार में नीचे उतरती दिखाई दी थी। इसके बाद वाहन मैक्स अस्पताल, वेरका बूथ और सेक्टर-25/38 लाइट पाॅइंट से होते हुए चंडीगढ़ में दाखिल हुआ। हालांकि पुल के पीछे कार न तो टोल प्लाजा पर दिखी और न ही आसपास लगे किसी कैमरे में कैद हुई। कार के एक अलॉय की जगह साधारण व्हील लगा था जिससे शक है कि आरोपियों ने बलौंगी से पहले ही कार या नंबर प्लेट बदल दी हो।
नयागांव में 200 कैमरों की जांच, फिर भी नहीं मिली लीड
हमलावरों की कार वारदात से करीब आधा घंटा पहले नयागांव एंट्री पाॅइंट पर दिखाई दी थी। पिछले तीन दिनों से पुलिस यहां लगे करीब 200 कैमरों की फुटेज खंगाल रही है लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला। सूत्रों का कहना है कि यह स्पष्ट नहीं कि शूटर यहां किसके पास रुके थे और कितनी देर ठहरे। शहर में कई कैमरे बंद होने के कारण आरोपियों की मूवमेंट पूरी तरह ट्रेस नहीं हो पा रही है।
विदेश भाग सकते हैं पीयूष-अंकुश
पीयूष पिपलानी और अंकुश राणा हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान पुलिस के वांटेड हैं। दिल्ली स्पेशल सेल और पंजाब एजीटीएफ भी उनकी तलाश में जुटी है। सूत्रों के अनुसार एनकाउंटर के डर से आरोपी विदेश भागने की कोशिश कर सकते हैं। इससे पहले गोल्डी बराड़, अनमोल बिश्नोई, हरी बॉक्सर, आरजू बिश्नोई, लक्की पटियाल और रिंदा समेत कई गैंगस्टर फर्जी पासपोर्ट के जरिये विदेश भाग चुके हैं।
कॉल आने के बाद निकला था पैरी, पिस्टल साथ ले जाने से किया इन्कार
पुलिस ने पैरी के करीबी लोगों से भी पूछताछ की है। एक परिचित ने बताया कि पैरी को किसी का फोन आया था जिसके बाद वह जल्दी में घर से निकला और कहा कि 15 मिनट में वापस आएगा। एक दोस्त ने उसे लाइसेंसी पिस्टल साथ रखने की सलाह दी थी लेकिन पैरी ने मना कर दिया।