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Chandigarh News: पीयू में जातिगत भेदभाव को लेकर छठे दिन भी धरना जारी

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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में जातिगत भेदभाव के विरोध में छठे दिन भी धरना जारी रहा। लेक्चर-प्रोटेस्ट सीरिज के तहत जिला अदालत के अधिवक्ता विपिन ने ‘समानता के अधिकार’ विषय पर व्याख्यान दिया।
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अधिवक्ता विपिन ने कहा कि संविधान के मौलिक अधिकार असमान समाज को समान बनाने के लिए राज्य को सकारात्मक कदम उठाने की दिशा प्रदान करते हैं। उनके अनुसार आरक्षण और विशेष कानून किसी विशेषाधिकार के लिए नहीं, बल्कि वास्तविक समानता स्थापित करने के लिए सकारात्मक भेदभाव के माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि न्याय का अर्थ ऐतिहासिक अन्याय को सुधारना है, न कि असमान परिस्थितियों में सभी को समान मान लेना। सच्ची समानता सामाजिक गरिमा में निहित है।
इस दौरान पंजाब स्टूडेंट यूनियन के अमनदीप ने भी संस्थागत भेदभाव के मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए और डॉ. हरप्रीत सिंह द्वारा जातिगत भेदभाव के खिलाफ शुरू किए गए आंदोलन के प्रति एकजुटता जताई।
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वक्ताओं ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन एक ओर भेदभाव के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ की बात करता है, वहीं दूसरी ओर समिति की रिपोर्ट में जातिगत भेदभाव के साक्ष्य न मिलने की बात कहकर विरोध को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। धरना स्थल पर विद्यार्थियों और शोधार्थियों की उपस्थिति बनी रही।
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