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राष्ट्रपति ने बताया क्यों नहीं है देश को कोई खतरा और किस पर है पूरा भरोसा 

Fri, 11 Nov 2016 08:57 PM IST
मोहित धुपड़/अमर उजाला, अंबाला
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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी - फोटो : अमर उजाला
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सरहद पर इस वक्त जिस तरह के हालात बने हुए हैं, उनके मद्देनजर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को अपने देश के तीनों सैन्य बलों पर पूरा भरोसा है। राष्ट्रपति का कहना है कि भारतीय सेनाओं के होते हुए देश की प्रभुता और अखंडता को कोई खतरा नहीं है। सैन्य बलों में हर चुनौतियों को जीत में बदलने का माद्दा है। 
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राष्ट्रपति वीरवार को अंबाला कैंट एयरफोर्स स्टेशन में प्रजेंटेशन स्टैंडर्ड समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने आए हुए थे। इस दौरान उन्होंने जहां जवानों का मनोबल पूरी तरह से बढ़ाया, वहीं एयरफोर्स के पराक्रम का भी बखान किया।

राष्ट्रपति ने कहा कि वैसे तो देश की सभी सेनाएं अपना-अलग पराक्रम रखती है, लेकिन इंडियन एयरफोर्स सभी सैन्य बलों में हमारे देश का एक तीखा शस्त्र जैसी है। राष्ट्रपति ने कहा कि एयरफोर्स ने अपना लोहा न केवल देश, बल्कि विदेश में भी मनवाया है। 
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राष्ट्रपति ने इस समारोह में वायुसेना की 501 सिग्नल यूनिट और एयरफोर्स की 30 स्कवाड्रन यूनिट को उनकी देश सुरक्षा में गौरवमयी प्रदर्शन के लिए निशान ध्वज प्रदान किए। उन्होंने एयरफोर्स की दोनों यूनिटों के पराक्रम का भी बखान करते हुए कहा कि आज देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘ऑलवेज अलर्ट’ और ‘असीम पौरुष’ की बेहद जरूरत है और ये दोनों ही मोटो निशान ध्वज प्राप्त करने वाली यूनिटों के सिद्धांत यानी आदर्श वाक्य हैं।
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'हम शांति चाहते हैं, लेकिन मुकाबले को भी तैयार'

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी - फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि आने वाले सालों में भी ये दोनों यूनिटें अपनी पराक्रम से लबरेज परंपरा को कायम रखते हुए देश की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहेंगी। 

हम शांति चाहते हैं, लेकिन मुकाबले को भी तैयार
राष्ट्रपति ने सरहद पर चल रहे तनाव की ओर इशारा करते हुए कहा कि हम शांति चाहते हैं लेकिन यदि देश के सामने कोई बड़ी चुनौती भी आती है तो उसका मुकाबला करने के लिए सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए अपने सैन्य बलों की दक्षता को बढ़ाने और आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए नवीनतम तकनीक से स्वयं को सक्षम बनाया है।

शहीद जवानों को भी किया नमन
राष्ट्रपति ने देश की सुरक्षा, एकता व अखंडता को बनाए रखने के लिए सीमाओं पर कुर्बानी देने वाले देश के शहीद सैनिकों के परिजनों को नमन किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1919 में स्थापित अंबाला एयरफोर्स स्टेशन देश के प्राचीन और बड़े एयरफोर्स स्टेशनों में शामिल है। 

इस अवसर पर राष्ट्रपति के अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचने पर राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ दलबीर सिंह, एयर चीफ मार्शल अरूप राहा, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और सांसद रत्न लाल कटारिया सहित अन्य प्रशासनिक व वायुसेना अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
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