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एदां ता फेर एदां ही सही नाटक से दिखाया महंगाई का दर्द

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चंडीगढ़। पंजाब संगीत नाटक अकादमी और चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी के सहयोग से सुचेतक रंगमंच मोहाली ने शनिवार को 18वें गुरशरण सिंह नाट उत्सव की शुरुआत हुई। पूरा पांच दिवसीय फेस्टिवल किसान आंदोलन को समर्पित रहेगा।
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पहले दिन भी किसान आंदोलन फतेह की शुभकामनाओं के साथ उत्सव की शुरुआत की गई। इतालवी नाटककार डारियो फो के कॉमेडी नाटक का पंजाबी रूपांतरण एदां ता फेर एदां ही सही के माध्यम से महंगाई और उससे पैदा होने वाली लूट और संघर्ष को दिखाया गया है जो वर्तमान परिक्षेप्य पर एकदम सटीक तरीके से कटाक्ष करता है।
नाटक की कहानी एक निम्न मध्यवर्गीय कॉलोनी में घटित होती है, जहां बढ़ती महंगाई और घटती कमाई से तंग आकर महिलाएं कॉरपोरेट का सामान लूटती हैं। कहानी दो महिलाओं के इर्द-गिर्द घूमती है। लच्छमी (अनीता शबदीश), जो नाटक में मुख्य भूमिका निभा रही है, लूटपाट में शामिल है, लेकिन वह अपनी दोस्त मालती (सहर) को सच बताने से बच रही है, जबकि वह सच्चाई का पता लगाने के लिए दृढ़ है। तरह-तरह के बहाने बनाने के बाद, लच्छमी सच्चाई का खुलासा करती है और लूट को आधा करने के लिए तैयार हो जाती है। तभी पुलिस आ जाती है। उनके पास अपनी लूट को छिपाने के लिए भी जगह नहीं है। महिलाएं लूट के सामान को कोट के पीछे छुपाती है और पुलिस पूछताछ में गर्भवती होने का ढंग कर उन्हें चकमा देती है। इसी तरह नाटक में महिलाओं को समान काम के लिए समान वेतन इत्यादि पहलुओं को भी दिखाया गया है। नाटक में भारत शर्मा, अरमान संधू इत्यादि कलाकारों ने भी अभिनय किया।
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