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पंजाबी फिल्मों के सेट पर कर्मचारियों की संख्या की आधी, पाबंधियों में शूट खर्च हुआ दोगुना

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चंडीगढ़। पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े अधिकतर कलाकार अभी अपने घरों में परिवार के साथ समय व्यतीत कर रहे हैं और कोरोना के जल्दी खत्म होने की कामना कर रहे हैं। वरिष्ठ अभिनेता और पंजाबी फिल्म एंड टीवी एक्टर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी मलकीत रौनी ने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में काम बहुत ठंडा चल रहा है। इंडस्ट्री से जुड़े टेक्नीशियन व अन्य पर्दे के पीछे के कर्मचारी फिल्म लाइन छोड़कर आईटी सेक्टरों में जा रहे हैं, क्योंकि पिछले दो सालों से उनका काम अधिक प्रभावित है। फिल्म सेटों पर पहले लॉकडाउन से ही कर्मचारी आधे कर दिए गए हैं, अभी कुछ उम्मीद जगी ही थी कि फिर से पाबंधियां लगा दी गईं।
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मलकीत ने आगे बताया कि ओमिक्रॉन के आने के बाद शुरुआत में इंग्लैंड व विदेश में फिल्म की शूटिंग जारी रही, लेकिन बाद में कोरोना पाबंधियों में वो काफी खर्चीला बन गया। कलाकार पहले पंजाब से कोविड टेस्ट करवाकर जाए, फिर वहां कुछ दिन क्वारंटीन रहना। देश लौटने पर भी इसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा था। अभी गाने, शॉर्ट फिल्म और वेब सीरीज जैसे छोटे बजट वाले प्रोजेक्ट फिर भी चालू हैं, क्योंकि इनके शूट का समय अंतराल कम होता है। हालांकि कोरोना महामारी के कारण लगे प्रतिबंधों के चलते रात को 9 बजे ही पैकअप करना होता है, इसलिए खर्च दोगुना बढ़ गया है।
150 के करीब फिल्में रिलीज होने का कर रही इंतजार
मलकीत रौनी ने बताया कि पिछले लॉकडाउन समय और अभी पीछे हालात सामान्य होने पर शूट हुई 150 के करीब पंजाबी फिल्में रिलीज होने का इंतजार कर रही हैं। पंजाबी सिनेमा के लिए ओटीटी प्लेटफॉर्म चौपाल शुरू किया गया था, बहुत सी फिल्में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज की गई। सिनेमा हॉल में अभी 50 प्रतिशत की पाबंधी है, उसमें भी कोरोना महामारी के कारण लोग कम आ रहे हैं। इस कारण नई रिलीज में कमी आ गई है। अभी हालात सामान्य होने का इंतजार किया जा रहा है। फिल्में रिलीज नहीं होने के कारण बहुत से कलाकारों की पेमेंट भी पेंडिंग चल रही है।
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क्या कहते हैं कलाकार
आठ से अधिक फिल्में रिलीज के लिए तैयार
सिनेमा हॉल में प्रतिबंधों के साथ फिल्मों के शूट पर प्रतिबंध लग गए हैं। इस कारण काम की रफ्तार काफी कम हो गई है। इस समय मुंबई में अपने परिवार के साथ समय व्यतीत कर रहा हूं। अभी मेरी आठ से अधिक फिल्में रिलीज होने के लिए पड़ी है। हालातों को देखते हुए लग रहा है कि अभी सिनेमा से जुड़े लोगों के लिए काम के सामान्य दिन आने में छह से आठ महीने लगेंगे। थोड़ा और नुकसान झेलना पड़ेगा। - राणा जंग बहादुर, वरिष्ठ अभिनेता
प्रतिबंधों में गानों के शूट पर खर्च दोगुना हुआ
इंडस्ट्री में काम पहले जितना नहीं रहा है, प्रतिबंधों के कारण अभी रफ्तार धीमी है। गानों आदि जैसे छोटे प्रोजेक्ट पर पहले 12 के करीब लोग र्क्यू में होते थे, जो संख्या कोरोना में घटकर 6 ही रह गई है। सामान्य गाने के शूट में एक दिन का खर्च ढाई से तीन लाख का आता था और दो दिन में गाना पूरा होता था। रात की पाबंधियों के कारण शूट के दिन बढ़ गए हैं, जिसके कारण खर्च दोगुना हो गया है। उम्मीद है जल्दी हालात सामान्य होंगे। - डिंपल, निर्देशक
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