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चंडीगढ़ः बापूधाम कॉलोनी के कुछ लोगों की लापरवाही पड़ी भारी, प्रशासक बदनौर ने जताई चिंता

Tue, 28 Apr 2020 10:46 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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VP Singh Badnore
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पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने सोमवार को ट्राइसिटी के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। गवर्नर ने कोरोना के बढ़ रहे मामलों को लेकर चिंता जताई। बापूधाम के कुछ लोगों की ओर से दिखाई गई लापरवाही को लेकर प्रशासक कुछ नाराज भी दिखे। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए कि इलाके में सख्ती से सभी निर्देशों की पालना की जाए। इसके अलावा एडवाइजर मनोज परिदा ने बापूधाम को सील करने की भी बात कही।
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बैठक में स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि उन्होंने सोमवार को जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16 और पीजीआई के प्रमुख के साथ एक बैठक की, जिसमें कई मुद्दों पर चर्चा हुई है। उन्होंने बताया कि तीनों अस्पतालों और बाहरी राज्यों से आने वाले मरीजों को लेकर एक प्रोटोकॉल तैयार किया है। इसके तहत ही मरीजों का आदान-प्रदान होगा।

बैठक में डायरेक्टर हेल्थ सर्विस डॉ. जी दीवान ने बताया कि शहर में डोर-टु-डोर हेल्थ स्क्रीनिंग का काम जारी है। अभी तक साढ़े 10 लाख से ज्यादा लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इसके अलावा करीब 146 लोगों ने फ्लू क्लीनिक में अपनी जांच कराई है, जबकि 105 लोग टेली मेडिसिन के तहत अपना इलाज करवा चुके हैं।
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अब सभी स्वास्थ्य कर्मियों की होगी जांच
शहर के विभिन्न अस्पतालों में काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों के बीच फैल रहे कोरोना वायरस को लेकर अब चंडीगढ़ प्रशासन सतर्क हो गया है। एडवाइजर मनोज परिदा ने सोमवार को आदेश दिए कि सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों की हेल्थ स्क्रीनिंग की जाएगी ताकि भविष्य में किसी भी स्वास्थ्य कर्मचारी को कोरोना वायरस न हो।

बता दें कि प्रशासक वीपी सिंह बदनौर पहले ही चिंता जता चुके हैं कि अगर कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर और अस्पताल ही इसके संक्रमण का केंद्र बन जाएंगे तो शहर की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था ही चरमरा जाएगी।

मास्क, ग्लव्स और पीपीई के डिस्पोजल को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार कोरोना के होम क्वारंटीन या अन्य घरों से लोगों की ओर से डिस्पोजल मास्क एवं ग्लव्स के निपटान के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। लोगों की ओर से डिस्पोजल मास्क को कहीं भी फेंकने से वायु प्रदूषण का खतरा बढ़ रहा है। साथ ही संक्रमण का खतरा भी बढ़ा है।

लोगों को सलाह दी गई है कि वह मास्क व दस्तानों के कचरे को पहले 72 घंटे के लिए पेपर बैग में रखें और इसके बाद डिस्पोज करने के लिए दें। वहीं, मास्क को डिस्पोज करने से पहले उसे उसे कई हिस्सों में काटें ताकि इसका दोबारा कोई प्रयोग न कर सके। ऐसा करने से बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है।
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