चंडीगढ़। शहर के नवनिर्वाचित मेयर सौरभ जोशी ने सोमवार को पहला जनता दरबार बुलाया। इसमें फरियादियों से ज्यादा मेयर को बधाई देने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। स्थिति यह रही कि लोगों की समस्याएं सुनने के लिए मेयर को कुर्सी पर खड़े होकर संवाद करना पड़ा।
जनता दरबार की शुरुआत सुबह 11 बजे तय थी लेकिन मेयर करीब 35 मिनट की देरी से पहुंचे। इस दौरान नगर निगम कार्यालय के भीतर, बाहर और ग्राउंड फ्लोर पर 300 से अधिक लोग जमा हो चुके थे। फरियादी, कर्मचारी संगठन, व्यापार मंडल और स्वागत के लिए गुलदस्ते व मिठाई लेकर आए लोग सभी एक साथ मेयर तक पहुंचने की कोशिश में लगे रहे। कार्यालय में पैर रखने तक की जगह नहीं बची, जिससे निगम प्रशासन के लिए व्यवस्था संभालना चुनौती बन गया।
मेयर के पहुंचते ही पहले से मौजूद भीड़ उनकी ओर उमड़ पड़ी और एक साथ शिकायतें रखी जाने लगीं। करीब दो घंटे तक इंतजार करने के बावजूद कई लोगों को अपनी बात रखने का मौका नहीं मिला। नाराज होकर अनेक फरियादी बिना सुने ही वापस लौट गए।
सड़क से सीवर तक उठीं शिकायतें
जनता दरबार में शहर से जुड़े कई अहम मुद्दे सामने आए। लोगों ने सीवर लाइन बिछाने, चैंबर शिफ्ट करने, स्ट्रीट वेंडर शुल्क और जुर्माना माफ करने, ई-रिक्शा स्टैंड के निर्माण, सार्वजनिक शौचालय और पेयजल सुविधा की मांग उठाई। इसके अलावा व्यापार और आवंटन नीतियों में संशोधन, शेल्टर होम, सफाई व्यवस्था, जलभराव, सड़कों की बदहाली, कर्मचारियों के वेतन और यातायात सुरक्षा जैसे लंबे समय से लंबित मामलों पर भी चर्चा हुई।
स्वागत करने वालों से मांगी माफी
भीड़ को नियंत्रित करते हुए मेयर सौरभ जोशी ने स्वागत के लिए पहुंचे विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि जनता दरबार में किसी भी प्रकार का स्वागत स्वीकार नहीं किया जाएगा। मेयर ने कहा कि यह मंच पूरी तरह जनता की समस्याएं सुनने और उनके समाधान के लिए समर्पित है।
कुम्हार कॉलोनी और नयागांव के मुद्दे छाए
जनता दरबार में कुम्हार कॉलोनी से पहुंचे लोगों ने श्यामलात जमीन नगर निगम को हैंडओवर होने और कोर्ट से केस जीतने के बावजूद मकान न मिलने की शिकायत की। मेयर ने अधिकारियों को सर्वे कराकर राहत देने के निर्देश दिए। नयागांव से आए लोगों ने बैरियर पर रोजाना लगने वाले जाम और बच्चों को चंडीगढ़ के स्कूलों में दाखिला न मिलने की समस्या उठाई। इस पर मेयर ने हल्के अंदाज में कहा कि नयागांव को चंडीगढ़ में शामिल करने की मांग होनी चाहिए जिस पर मौजूद लोगों ने भी सहमति जताई।
कोट
जनता दरबार को केवल शिकायत दर्ज कराने का मंच नहीं बल्कि नागरिकों और प्रशासन के बीच विश्वास का सेतु बनाया जाएगा। हर शिकायत को गंभीरता और सम्मान के साथ सुना जाएगा और संबंधित विभागों को तय समयसीमा में समाधान कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। -सौरभ जोशी, मेयर