चंडीगढ़। शहर के डीसी विनय प्रताप सिंह ने शहर में हथियार और शस्त्र रखने पर लगी रोक को दो महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है। कहा गया है कि इन हथियारों का लोग गलत इस्तेमाल कर सकते हैं जोकि शांति भंग करने के साथ ही लोगों की जान के लिए भी खतरा है। यही कारण है कि घातक हथियार, भाले, लाठी, तलवार, चाकू और आयरन रॉड आदि रखने पर रोक लगा दी है। यह आदेश पुलिस, मिलिट्री और पैरामिलिट्री कर्मचारियों पर लागू नहीं होंगे लेकिन ये सभी कर्मी अपनी सर्विस यूनिफॉर्म में ड्यूटी के दौरान ही हथियारों को साथ रख सकेंगे। इसके अलावा होटल, रेस्टोरेंट्स और गेस्ट हाउसेज में भी आईडी प्रूफ अनिवार्य किया गया है। बिना आईडी के किसी को भी इनमें रहने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। डीसी ने कहा कि कुछ शरारती तत्व छुपाने के लिए इनमें शरण ले सकते हैं जोकि समाज के लिए खतरा है इसलिए ये निर्देश जारी किए गए हैं। होटल मालिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विजिटर्स के लिए एक रजिस्टर बनाएंगे। इसके अलावा कस्टमर के नाम के साथ ही एड्रेस, टेलीफोन नंबर और उसके साइन रजिस्टर में होने चाहिए।
साइबर कैफों में हर विजिटर की रखनी होगी एंट्री
डीसी ने शहर में साइबर कैफे चलाने वालों के लिए भी आदेश जारी किए हैं जोकि अगले 60 दिनों तक लागू रहेंगे। आदेश में कहा गया है कि अनजान लोगों की साइबर कैफे में एंट्री बैन होनी चाहिए। हर विजिटर की एंट्री रजिस्टर में होनी चाहिए जिसमें उसका नाम, पता, मोबाइल नंबर और आईडी प्रूफ होना जरूरी है। इसके अतिरिक्त आदेश जारी किए गए हैं कि शहर में कोई भी लोग किराएदार, नौकर और पेइंग गेस्ट को रखने से पहले उसकी पूरी जानकारी एरिया के स्टेशन हाउस ऑफिसर को दें ताकि पुलिस के पास उसका पूरा रिकॉर्ड रह सके।