अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि सीबीएसई के किसी भी खेल आयोजन के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि स्कूलों में प्रवेश की अंतिम तिथि से पहले नहीं होनी चाहिए। न्यू पब्लिक स्कूल सोसायटी चंडीगढ़ ने तर्क दिया कि सीबीएसई के दिशा-निर्देशों के अनुसार ग्यारहवीं कक्षा में प्रवेश पाने की अंतिम तिथि 31 अगस्त थी।
उन्होंने कहा कि एक बार जब किसी छात्र को 31 अगस्त तक ग्यारहवीं कक्षा में प्रवेश मिल जाता है तो उससे पहले प्रवेश पाने वाले किसी भी उम्मीदवार जो वैध रूप से किसी स्कूल में भर्ती है, उसको केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से आयोजित किए जा रहे खेल टूर्नामेंट में भाग लेने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। दो छात्रों, जिन्हें एक खेल आयोजन में अस्थायी रूप से भाग लेने की अनुमति दी गई थी, उन्होंने अपने स्कूल का नाम रोशन किया। दोनों छात्रों को पहले इस आधार पर सीबीएसई खेल प्रतियोगिता में भाग लेने से मना कर दिया गया था कि उन्हें टूर्नामेंट के लिए पंजीकरण जमा करने की अंतिम तिथि के बाद स्कूल में प्रवेश दिया गया था।
जस्टिस कुलदीप तिवारी ने कहा कि कोर्ट इस बात पर आश्वस्त है कि सीबीएसई को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उनकी ओर से आयोजित किसी भी खेल प्रतियोगिता में भाग लेने की अंतिम तिथि प्रवेश की अंतिम तिथि के बाद की होनी चाहिए जिससे छात्रों/स्कूलों को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। साथ ही किसी भी विरोधाभास से बचा जा सके जैसा कि इस मामले में देखा गया है।
सीबीएसई को प्रवेश की अंतिम तिथि को ध्यान में रखते हुए खेल टूर्नामेंट का आयोजन करना चाहिए। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि छात्रों ने कोर्ट के आदेश के अनुसरण में खेल आयोजनों में भाग लिया। याचिकाकर्ता-स्कूल की टीम ने बास्केटबाल, अंडर-19 (लड़कियों) में प्रथम स्थान प्राप्त किया।