चंडीगढ़। प्रदेश भाजपा के महामंत्री संजीव राणा ने मंगलवार को सांसद मनीष तिवारी पर शहर के विकास में सक्रिय भूमिका न निभाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नगर निगम के वित्तीय संकट जैसे अहम मुद्दों पर सांसद की ओर से न तो कोई ठोस प्रयास हुआ है और न ही जनता से सीधा संवाद देखने को मिला है।
संजीव राणा ने दावा किया कि मनीष तिवारी का चंडीगढ़ के विकास में योगदान अब तक शून्य रहा है। उन्होंने कहा कि सांसद के रूप में उनसे अपेक्षा थी कि वे राष्ट्रीय स्तर पर शहर की जरूरतों की आवाज बनें, लेकिन उन्होंने न कोई नई परियोजना शुरू की और न ही नगर निगम व प्रशासन के बीच समन्वय की कोशिश की। भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि सांसद की स्थानीय प्रशासन में भागीदारी बिल्कुल नहीं है और उनकी नगर निगम बैठकों में उपस्थिति जीरो प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि मनीष तिवारी न तो एमसी के वित्तीय संकट को केंद्र सरकार के समक्ष ले गए और न ही इसके समाधान के लिए पहल की। सांसद की जनता से उपलब्धता पर भी राणा ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा वे केवल वीकेंड में चंडीगढ़ आते हैं, तस्वीरें खिंचवाते हैं और फिर चले जाते हैं।
सांसद की भूमिका सिर्फ आलोचना करने की नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान खोजने की होती है। राणा ने आरोप लगाया कि तिवारी शहर के प्रोजेक्ट्स जैसे रेलवे स्टेशन के समयबद्ध कार्य और स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग की आलोचना करते हैं, लेकिन उनके पास कोई रचनात्मक योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि एमसी का मौजूदा वित्तीय संकट पिछले वर्ष कांग्रेस-आप गठबंधन के मेयर की बदइंतजामी का नतीजा है और अब तिवारी उन्हीं के सहयोगी हैं।