पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों पर कांग्रेस और विपक्षी दलों के भारत बंद का ट्राइसिटी में ज्यादा असर नहीं दिखा। बंद के दौरान दुकानें, शोरूम और ऑफिस, स्कूल सब खुले रहे। चंडीगढ़ में कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर बाजारों में खुली दुकानों को बंद कराया। हालांकि रैली के गुजरते ही दुकानें दोबारा खुल गईं। सेक्टर-17 सहित शहर के प्रमुख बाजार खुले रहे।
शहर के किसी भी व्यापारी संगठन ने कांग्रेस के इस बंद का खुलकर समर्थन नहीं किया। सेक्टर-22 में दुकानों को बंद करवाने को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ झड़प और धक्का-मुक्की भी हुई। जब कार्यकर्ता सेक्टर-19 पहुंचे तो यहां पर कार्यकर्ताओं ने टायरों को आग लगाकर विरोध प्रकट किया।
मोहाली में विनती करके बंद करवाई दुकानें, कांग्रेसियों के जाते ही खुलीं
भारत बंद पर खुले बाजार
मोहाली में भी कैबिनेट मंत्री व विधायक बलबीर सिंह सिद्धू ने दुकानदारों से विनती कर दुकानें बंद करवाईं, लेकिन उनके जाते ही दुकानों के शटर दोबारा से खुल गए। दूसरी तरफ सरकारी छुट्टी होने के चलते अधिकतर मार्केट शांत रही। कांग्रेस नेताओं मोदी पर जमकर प्रहार किए।
पंचकूला में कांग्रेसियों में दिखी गुटबाजी
बंद के बाद भी खुले बाजार
पंचकूला में कांग्रेस नेता सिर्फ सेक्टरों की मार्केट को बंद कराने के नाम पर फोटो खिंचवाते नजर आए। एक तो वैसे हीं सोमवार को पंचकूला मार्केट की अधिकतर दुकानें बंद रहती हैं, बावजूद इसके शहर की सारी दुकानें खुली थी। कांग्रेसी शहर की मार्केट को बंद करवाने में सफल नहीं हो पाये। कांग्रेसियों ने कुछेक जगह दुकानें बंद करवाई, तो उनके निकलते ही लोगों ने दुकानें खोल ली। कांग्रेसी की गुटबाजी के चलते पंचकूला में भारत बंद असफल साबित रहा।