चंडीगढ़। घर और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच जिन हाथों ने अब तक सिर्फ घर संभाला था, उन्हीं हाथों ने जब बैडमिंटन कोर्ट पर रैकेट थामा तो माहौल तालियों से गूंज उठा। सेक्टर-38 वेस्ट स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में शनिवार को चंडीगढ़ बैडमिंटन एसोसिएशन की ओर से आयोजित पहले नॉन प्रोफेशनल बैडमिंटन टूर्नामेंट 2025 की शुरुआत हुई। इस दो दिवसीय टूर्नामेंट में शहर की महिलाओं ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया। इस टूर्नामेंट का उद्देश्य महिलाओं को खेल के जरिये आत्मविश्वास और फिटनेस से जोड़ना है।
भले ही इन महिलाओं के शॉट्स प्रोफेशनल खिलाड़ियों जैसे न रहे हों लेकिन पहली बार रैकेट पकड़ने का रोमांच उनके चेहरों पर साफ झलक रहा था। कई महिलाओं ने बताया कि यह उनके जीवन का सबसे यादगार अनुभव रहा। टूर्नामेंट में 30 प्लस, 40 प्लस और 50 प्लस आयु वर्ग की प्रतिभागियों ने मुकाबले खेले।
जिंदगी की भागदौड़ में कभी मौका नहीं मिला
सेक्टर-23 स्थित सरकारी स्कूल में लेक्चरर आशा ने बताया कि जिंदगी की भागदौड़ में खुद के लिए वक्त ही नहीं मिला। जब इस टूर्नामेंट के बारे में सुना तो मैंने तुरंत 50 प्लस वर्ग में एंट्री ली। पहली बार कोर्ट पर उतरी और भले ही शॉट्स सही नहीं लगे, लेकिन खेलने की खुशी आज सबसे बड़ी जीत है।
बेटी की तालियों ने बढ़ाया हौसला
गृहिणी चरणजीत कौर ने बताया कि उनकी बेटी सीरत खुद बैडमिंटन खिलाड़ी है। बेटी ने कहा कि मम्मा, महिलाओं के लिए टूर्नामेंट हो रहा है, आप भी खेलो। मैंने नाम दे दिया। पहली बार कोर्ट पर उतरी, कुछ शॉट लगाए और जब बेटी ने तालियां बजाईं, तो मेरा आत्मविश्वास दोगुना हो गया।