पंजाब एटक के प्रधान बंत सिंह बराड़ ने आरोप लगाया है कि केंद्र की मोदी सरकार को आरएसएस रिमोट कंट्रोल के साथ चला रहा है। आरएसएस देश में शिक्षा का भगवाकरण कर रहा है, अल्पसंख्यकों के खिलाफ जहरीला प्रचार करके नफरत फैला रहा है और देश को जम्हूरी ढांचे को खतरा पैदा कर रहा है।
इस मौके पर बराड़ ने मोदी सरकार की लोक विरोधी नीतियों को जमकर कोसा। वह पीआरटीसी वर्कर्स यूनियन संबंधित एटक के डेलीगेट इजलास को संबोधित कर रहे थे। इस इजलास में पीआरटीसी के विभिन्न डिपुओं से 300 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
महासचिव निर्मल सिंह धालीवाल ने अपने संबोधन में मोदी सरकार को आडे हाथों लेते हुए कहा कि लेबर कानूनों को खत्म किया जा रहा है। ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा देकर कर्मचारियों के हितों का हनन हो रहा है।
पीआरटीसी के विभिन्न डिपुओं से 300 डेलीगेटों ने हिस्सा लिया
मोदी
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पब्लिक सेक्टर को तोड़ा जा रहा है और छंटनी करके कर्मचारियों को नौकरियों से निकाला जा रहा है। यह सब तुरंत बंद किया जाए। सबने कहा कि कर्मचारियों के साथ और अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
मुलाजिम नेता दर्शन सिंह लुबाना ने कांट्रैक्ट वर्करों को नियमित करने, बेरोजगारी की बढ़ती समस्या को खत्म करने, नशे और विद्या का व्यापारीकरण पर नकेल कसने की मांग की।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिनिधमंडल की ओर से अगले तीन सालों के लिए पीआरटीसी वर्कर्स यूनियन एटक के ओहदेदारों का चुनाव सर्वसम्मति से किया गया, जिसमें कामरेड निर्मल सिंह धालीवाल को बारहवीं बार महासचिव चुना गया।
इसमें गुरविंदर सिंह गोल्डी को प्रधान, उत्तम सिंह बागड़ी को चेयरमैन, प्रीतम सिंह को सरप्रस्त, सुखदेव सिंह मली को सीनियर उप प्रधान और सुखदेव राम सुखी को वित्त सचिव चुना गया।