चंडीगढ़/मोहाली। गांव झामपुर से मलोया पढ़ने जाती 13 साल की बच्ची को एक व्यक्ति ने तंग करते हुए छेड़छाड़ शुरू कर दी। इस संबंध में मां ने पुलिस से मदद लेनी चाही तो मोहाली और चंडीगढ़ पुलिस अपना इलाका न होने की बात कहकर केस दर्ज करने से पल्ला झाड़ती रही। वहीं, अब मां न्याय के लिए दर-दर भटक रही है।
पीड़ित की मां ने बताया कि उसकी बच्ची को आरोपी अजय छेड़ता था। उससे डरकर उसने स्कूल जाना छोड़ दिया। इस पर मां ने प्यार से सारी बात पूछी और जब उसे पता छेड़छाड़ का पता चला तो वह शिकायत देने बलौंगी पुलिस पहुंची। वहां पर पहले तो पुलिस ने आरोपी को बुलाकर पूछताछ की और उसे भी रोज बुलाने लगे। इस दौरान वह पॉक्सो एक्ट का केस दर्ज करने के बजाय उससे छेड़छाड़ के सबूत मांगने लगे। वहीं, पांच दिन बाद मंगलवार को दो पुलिसकर्मी आए और उन्होंने उस रास्ते का दौरा किया जहां घटना हुई थी और यह कहा कि केस चंडीगढ़ में होगा क्योंकि इलाका उनका है। यह सुनकर उन्होंने यह बात लिखित में देने को कहा लेकिन उन्होंने नहीं दी। इसके बाद वह मलोया थाना पहुंची तो उन्होंने कहा कि घटनास्थल मोहाली का है इसलिए वह केस दर्ज नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि वहां के पुलिस अधिकारी ने उन्हें बच्ची को स्कूल भेजने की बात कही और कहा कि अगर वह दोबारा छेड़खानी करेगा और इलाका उनका होगा तो वह केस दर्ज करेंगे। यह सुनकर वह निराश हो गई क्योंकि उसे कहीं से भी न्याय नहीं मिला।
नाबालिग बच्ची से छेड़छाड़ पर तुरंत दर्ज करना होता है केसकानून विशेषज्ञों के अनुसार नाबालिग बच्ची से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस को तुरंत केस दर्ज करना होता है। इस मामले में मोहाली और चंडीगढ़ पुलिस में से कोई भी केस दर्ज कर सकती है। अगर इलाका उनका न भी हो तो जीरो एफआईआर काटकर संबंधित थाने में भेज देनी चाहिए। ऐसे मामलों में देरी नहीं करनी चाहिए क्योंकि नहीं तो बच्चे के साथ कई बार बड़ी घटना हो सकती है।
बच्ची को जान को है खतरानाबालिग बच्ची की मां ने बताया कि आरोपी शादीशुदा है। वह उनकी बच्ची को तंग करता है और उससे उनकी बच्ची की जान को खतरा है। उन्होंने पुलिस के उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।
कोट्स...व्यक्ति को पूछताछ के लिए बुलाया था। अभी जांच चल रही है और जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी। -पी. गरेवाल, एसएचओ बलौंगी