चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) का चुनाव इस बार कांग्रेस व भाजपा के लिए अहम है, क्योंकि सीनेट में पुटा का अध्यक्ष सदस्य होता है। इस कारण राजनीतिक दल अपना-अपना बहुमत सीनेट में बनाने के लिए एक-एक सीट को अपने पाले में करना चाहते हैं।
दोनों ही राजनीतिक दल अपने चेहरे उतारने की तैयारी में हैं। गोयल ग्रुप समर्थित पुटा की वर्तमान कार्यकारिणी फिर से चुनावी मैदान में आ सकती है। वहीं भाजपा सर्वमान्य चेहरा ढूंढ रही है। पुटा अध्यक्ष का सीनेट में अहम रोल होता है। शिक्षकों के सभी मुद्दे उनके जरिए उठाए जाते हैं। उनके अलावा चार अन्य सीनेट के सदस्य शिक्षकों के हितों को सुरक्षित करने के लिए गोद लिए जाते हैं। पुटा के चुनाव अक्तूबर के प्रथम व द्वितीय सप्ताह में होंगे। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं। सदस्यता अभियान चल रहा है।
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस समर्थित गोयल ग्रुप से चुनावी मैदान में सिटिंग अध्यक्ष व सचिव के अलावा उनकी पूरी टीम फिर से चुनाव दंगल में उतर सकती है, क्योंकि इस टीम को पिछले पुटा चुनाव में बंपर वोट मिले थे। कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि सचिव प्रो. अमरजीत सिंह नौरा को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया जा सकता है। इनके अलावा उपाध्यक्ष डॉ. सुपिंदर कौर भी आ सकती हैं। हालांकि अभी किसी भी ग्रुप ने नामों की घोषणा नहीं की है।
भाजपा कई ग्रुपों के साथ करेगी गठबंधन
वहीं, भाजपा ग्रुप को कोई चेहरा नजर नहीं आ रहा। जानकारों का कहना है कि भाजपा पीयू के तीन से चार छोटे ग्रुपों के गठबंधन कर चेहरा लाएगी। राजनीतिक लोगों का यह भी कहना है कि अगर भाजपा ने पिछले पुटा चुनाव व सीनेट के परिणामों से सबक नहीं लिया है तो इस बार भी पुटा चुनाव में हालात अलग होंगे। बताया जाता है कि भाजपा के पास अभी तक कोई ऐसा चेहरा सामने नहीं आया जो अध्यक्ष पद के लिए नामित किया जा सके क्योंकि जो चेहरा आएगा, वह संयुक्त गठबंधन के जरिए आएगा। यूआईईटी व डेंटल कॉलेज से कोई चेहरा उतारा जा सकता है। इसको लेकर बैठकें भी चल रही हैं। हालांकि दिग्गज जुटे हैं कि पुटा अध्यक्ष की सीट जीतकर सीनेट में अपने सदस्यों की संख्या बढ़ाई जाए।