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Chandigarh News: डंपर की टक्कर से जान गंवाने वाले मजदूर के परिवार को मिलेगा 21.43 लाख रुपये मुआवजा

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चंडीगढ़। मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) चंडीगढ़ ने करीब पांच साल पहले सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर के परिवार को 21 लाख 43 हजार रुपये मुआवजे के तौर पर देने के आदेश दिए हैं। हादसा मई 2018 में शहजादपुर-अंबाला रोड पर हुआ था, जहां ऑटो खराब होने कारण अन्य सवार उसके साथ उतरे। भूषण साहनी और एक अन्य यात्री को जोरदार टक्कर मार आरोपी चालक डंपर सहित मौके से फरार हो गया। भूषण साहनी की गंभीर हालत के चलते उसे पीजीआई लाया गया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी डंपर चालक के खिलाफ केस दर्ज किया था। मामले को लेकर मृतक भूषण साहनी की पत्नी बबीता साहनी (34) ने पति की मौत के बाद अदालत में 40 लाख रुपये मुआवजे की मांग पर याचिका दायर की थी। याचिका में परमजीत सिंह (डंपर चालक), राम लाल (डंपर मालिक) और वाहन की बीमा कंपनी रिलायंस जनरल इंश्योरेंस को पार्टी बनाया था। याचिकाकर्ता के अनुसार उसका पति भूषण साहनी मजदूरी का काम करता था और प्रतिमाह 20 हजार कमाता था। उनके चार नाबालिग बच्चे हैं। भूषण मूल रूप से बिहार के बेगूसराय का रहने वाला था और वह परिवार के साथ अंबाला के शहजादपुर में रह रहा था। मामले में दायर याचिका पर चली सुनवाई और सामने आए तथ्यों के आधार पर याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए 21 लाख 43 हजार रुपये मुआवजे के तौर पर देने के आदेश दिए हैं।
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25 मई 2018 को वह ऑटो से अंबाला की तरफ जा रहा था। सुबह 10 बजे शहजादपुर-अंबाला रोड पर आटो खराब हो गया और उसमें बैठी सवारियां उतर गईं। तभी शहजादपुर की तरफ से पंजाब नंबर तेज रफ्तार डंपर आया, जिसने भूषण साहनी समेत एक अन्य व्यक्ति को टक्कर मार दी। हादसे के बाद आरोपी चालक डंपर सहित मौके से फरार हो गया। दोनों घायलों को सिविल अस्पताल अंबाला में भर्ती करवाया गया, लेकिन भूषण साहनी की गंभीर हालत के चलते उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी डंपर चालक के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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