चंडीगढ़। प्रशासन एस्टेट ऑफिस की सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन करने की दिशा में नई पहल करने जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों को दस्तावेज जमा कराने या फाइल की स्थिति जानने के लिए बार-बार एस्टेट ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पूरा काम एंड-टू-एंड ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से किया जाएगा।
एस्टेट ऑफिस की ओर से तैयार की गई एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) हाल ही में यूटी प्रशासक की एडवाइजरी काउंसिल की बैठक में प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रशासन फेसलेस सर्विसेज की दिशा में कदम बढ़ाते हुए दस्तावेजों की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की योजना पर काम कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार इस व्यवस्था के लागू होने के बाद लोग घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सभी जरूरी दस्तावेज जमा कर सकेंगे। इससे नागरिकों को सुविधा मिलेगी और प्रशासनिक कामकाज भी अधिक तेज व पारदर्शी होगा। एस्टेट ऑफिस ने हाल ही में प्रॉपर्टी ट्रांसफर की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑटो-म्यूटेशन सिस्टम भी शुरू किया है। इस प्रणाली का उद्देश्य प्रॉपर्टी के मालिकाना हक के हस्तांतरण को समयबद्ध, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल बनाना है।
रजिस्ट्रेशन के बाद अपनेआप शुरू होगी म्यूटेशन प्रक्रिया
नई व्यवस्था के तहत प्रॉपर्टी का रजिस्ट्रेशन होने के बाद म्यूटेशन की प्रक्रिया अपनेआप शुरू हो जाएगी। इसके लिए खरीदार को अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। प्रशासन ने म्यूटेशन पूरा करने के लिए रजिस्ट्रेशन की तारीख से एक सप्ताह का समय तय किया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर नया मालिकाना रिकॉर्ड एस्टेट ऑफिस के ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट कर दिया जाएगा।
संपदा विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह सिस्टम सब-रजिस्ट्रार ऑफिस और एस्टेट ऑफिस के बीच डिजिटल रूप से जुड़ा हुआ है, जिससे दोनों कार्यालयों के बीच डेटा का आदान-प्रदान तुरंत और सुरक्षित तरीके से हो सकेगा। पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निगरानी में रहेगी और आवेदक को हर चरण की जानकारी ऑटो-जेनरेट संदेश के माध्यम से मिलती रहेगी। यह सुविधा एस्टेट ऑफिस के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सभी फ्रीहोल्ड और लीजहोल्ड अचल संपत्तियों पर लागू होगी, जहां मालिकाना हक रजिस्टर्ड डीड के माध्यम से बदला गया है।